Azamgarh news :साइबर अपराध से बचाव हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
साइबर अपराध से बचाव हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) द्वारा चलाए जा रहे नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के अंतर्गत आमजनमानस को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिनांक 11.03.2026 को श्री महादेव शिक्षण संस्थान, खैरा रानी की सराय, जनपद आजमगढ़ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम तथा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जारी निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 श्री अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती आस्था जायसवाल के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लाउडहेलर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करते हुए तथा पम्पलेट वितरण कर छात्र-छात्राओं व उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फर्जी पुलिस/सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी, मोबाइल में फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर ठगी, लिंक पर क्लिक कराकर ठगी, गिफ्ट/लॉटरी स्कैम, सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों से दोस्ती कर धोखाधड़ी, म्यूल अकाउंट तथा फर्जी मोबाइल नंबर के माध्यम से होने वाली ठगी के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यशाला के दौरान साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा www.cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत उक्त नंबर पर कॉल करने या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से समय रहते अपराध को रोका जा सकता है।
जागरूकता कार्यक्रम में निम्न प्रमुख विषयों पर जानकारी दी गई –
बैंकिंग फ्रॉड एवं क्यूआर कोड स्कैन कर ठगी
व्हाट्सएप हैकिंग, OLX व KYC आधारित ठगी
फर्जी ऐप्स, ऑनलाइन लोन स्कैम व हनी ट्रैपिंग
ATM व सोशल मीडिया से जुड़ी ठगी
निवेश/गेमिंग ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी
सेक्सटॉर्शन व न्यूड कॉल के माध्यम से ब्लैकमेलिंग
मेट्रीमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी
सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। बताया गया कि साइबर अपराधी अक्सर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया (विशेषकर फेसबुक) पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं, इसके बाद व्हाट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील वीडियो दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते हैं और बाद में ब्लैकमेल कर धन की मांग करते हैं।
जनसामान्य को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी गई –
किसी भी अजनबी व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव न करें।
यदि वीडियो कॉल उठानी पड़े तो कैमरे को ढक कर रखें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।



