Azamgarh News:रिवायत नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ, शास्त्रीय संस्कृति की विरासत से जुड़ रहे युवा

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
रिवायत नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ, शास्त्रीय संस्कृति की विरासत से जुड़ रहे युवा
आजमगढ़, 12 जून। कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और सभ्यता की जीवंत पहचान है। इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनन मंथन डांस एकेडमी द्वारा तीन दिवसीय सेमी-क्लासिकल नृत्य कार्यशाला “रिवायत” का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को पुरानी सब्जी मंडी स्थित मारवाड़ी धर्मशाला के सेवा सदन हॉल में किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विपिन यादव (एमबीबीएस, डीजीओ), डीएफओ एवं आईएफएस अधिकारी आकांक्षा जैन, दुर्गा शक्ति सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष पूजा सिंह, विश्वनाथ सेवा संस्थान की विजयलक्ष्मी मिश्रा तथा अग्रवाल महिला समिति की मीरा अग्रवाल एवं निशा अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल कला नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य गुरु डॉ. राघवेंद्र प्रसाद सिंह तथा अरविंदम गुरूजी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों गुरु भातखंडे संगीत संस्थान से पीएचडी उपाधि प्राप्त हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान और स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागी नृत्य की बारीकियों, भाव-भंगिमाओं, ताल, लय और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं की गहन जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
मनन मंथन डांस एकेडमी के संस्थापक एवं युवा कला प्रशिक्षक मनन पांडे ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना तथा उनमें कला के प्रति रुचि विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में पारंपरिक कलाओं का संरक्षण बेहद जरूरी है



