Azamgarh News: संस्कारों की पाठशाला बना केसरी नंदन चिल्ड्रेन स्कूल, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल

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आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

संस्कारों की पाठशाला बना केसरी नंदन चिल्ड्रेन स्कूल, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल

आजमगढ़ जनपद के विकासखंड रानी की सराय अंतर्गत स्थित केसरी नंदन चिल्ड्रेन स्कूल, चक सेठवल का प्रांगण मंगलवार को शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया। सुबह 9:00 बजे से आयोजित संस्कार पूजनोत्सव कार्यक्रम ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बृजेश राय (जिला अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ) एवं विशिष्ट अतिथि कमलेश राय द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर किया गया। जैसे ही मंच से विद्या की देवी का आह्वान हुआ, पूरा वातावरण श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
विद्यालय के होनहार बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। एक छात्र द्वारा सुनाई गई प्रेरणादायक पंक्तियां-
“कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा”—
ने सभी के भीतर आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना को जागृत किया।
इसी क्रम में छात्रा अनुष्का विश्वकर्मा ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर अपनी कला से सभी को मनमुग्ध कर दिया। वहीं, नन्हे कलाकारों द्वारा नाटक के माध्यम से “बेटियां बोझ नहीं हैं” जैसे संवेदनशील विषय को जिस सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया गया, उसने समाज को एक गहरा संदेश दिया। बच्चों ने संस्कारों के महत्व पर भी नाट्य प्रस्तुति देकर यह साबित किया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रबंधक शिवानंद राय ने मुख्य अतिथि बृजेश राय, पूर्व प्रधान मनोज राय तथा प्रेस रिपोर्टर राम नरायन राय उर्फ बबलू राय का माल्यार्पण एवं मोमेंटो भेंट कर भव्य स्वागत किया। विद्यालय के संरक्षक रवि राय द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं बच्चों के लिए जलपान की उत्तम व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन सचिन तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी रैंकर्स बच्चों को परीक्षा रिजल्ट देते हुए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रविंद्र राय, कमलेश राय, अंशुमान राय, राहुल तिवारी, धर्मेंद्र सिंह सहित सैकड़ों अभिभावक उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाओं—ममता यादव, चंदन कुमारी, क्रांति राज, चांदनी गौड़, राधिका प्रजापति, साक्षी राय, शिखा विश्वकर्मा, श्वेता तिवारी, पूजा यादव, शिवम कुमार, नागेंद्र यादव, सतीश यादव, शिवांश पाठक एवं अमन कुमार राय—ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि जब शिक्षा में संस्कारों का समावेश होता है, तब विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पाठशाला बन जाता है।

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