Azamgarh news :गर्म हवा व लू से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी

गर्म हवा व लू से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी

लू से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपायों को अपनाएं जनपदवासी-अपर ज़िलाधिकारी(वि0/रा0)

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आजमगढ़ द्वारा एडवाइजरी जारी कर लू से बचाव के उपाय,लक्षण एवं उपचार आदि के बारे में जनपदवासियों को जागरूक किया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि जन-सामान्य लू से बचाव को लेकर बताये उपायों को अमल में लायें और अपना बचाव करें। हीटवेब (लू) से बचाव के लिए संबंधित विभाग को अपनी अपनी तैयारी कर पूरी तरह से तैयार रहने की आवश्यकता है तथा उससे संबंधी एहतियातें बरती जायें तथा सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जाये।

गर्मी के हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एलुमिनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर, जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आतीं हैं, काले परदे लगाकर रखना चाहिए। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को रेडियो व अन्य संसाधनों के माध्यम से सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।

बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बन्द वाहन में अकेला न छोड़ें। जहां तक सम्भव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के ताप से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।

अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह ने बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि धूप में खड़े वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें। खाना बनाते समय घर के खिड़की दरवाजे आदि खुले रखें जिससे हवा का आना जाना बना रहे। नशीले पदार्थों, शराब अथवा अल्कोहल से बचें। उच्च प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें तथा बासी भोजन कतई न इस्तेमाल करें इसके साथ ही संतुलित व हल्का आहार लें। दोपहर के समय यदि बहुत आवश्यक हो तभी घर से धूप में बाहर निकलें अन्यथा धूप में जाने से बचें और यदि जाना ही पड़े तो सिर को जरूर ढकें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि अभी आगे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा इसलिए गर्मी से बचाव के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना चाहिए।

 

कब लगती है लू

गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्लूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग,पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसंस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है इसके अलावा मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सावधान रहें।

उष्ण-लहर (लू) के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान एंव चेतावनी के अंतर्गत जनपद आजमगढ़ में 26 अप्रैल 2026 तक उष्ण-लहर (लू) चलने की संभावना बताई गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग, लखनऊ द्वारा जारी चेतावनी कोे दृष्टिगत रखते हुए अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)/प्रभारी अधिकारी (आपदा) गंभीर सिंह द्वारा आम जनमानस के हित में उष्ण-लहर (लू) के प्रभाव से बचाव हेतु क्या करे और क्या ना करें के संबंध एडवाइजरी जारी कि गई है-

क्या करें-

घर से बाहर जाते समय शरीर को ढककर रखें और हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहने। धूप में बाहर जाते समय गमछा, चश्मा, छाता, टोपी एवं जूता पहनकर ही घर से बाहर निकले। थोड़े-थोड़े समयान्तराल पर तरल पदार्थ (शीतल जल, नींबू पानी, शिकंजी, नारियल पानी) आदि का सेवन करते रहें। घर, कार्यस्थल आदि स्थानों पर सूर्य की सीधी रोशनी से बचनें के लिए पर्दें आदि का प्रबंध अवश्य करें। यात्रा करते समय अपने साथ बोतल में पानी जरुर रखें। गीले कपड़े को अपने चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें। गर्मी के दिनों में ओ0आर0एस0 का घोल पिये। जानवरों को छायादार स्थान में रखें तथा उन्हे पीने के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी दें। बच्चें, बीमार व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। रात में अपने घरो की खिड़िकियो को अवश्य खुली रखें। हीट स्ट्रोक/लू के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी राजकीय चिकित्सालय पर संपर्क करें।

क्या न करें-

अत्यधिक गर्मी (दोपहर 12 से सांय 4 बजे) के मध्य बाहर धूप में ना जायें। धूप में खडें वाहनों में बच्चे एवं पालतू जानवरों को अकेला ना छोडें। नंगे पैर/बदन धूप में ना जायें। अत्यधिक प्रोटीन युक्त भोजन एंव बासी भोजन का सेवन ना करें। गहरें व चटक रंग के कपड़ो को पहनने से बचे। तंग एंव छोटे कपड़ो के प्रयोग से बचें, विशेष कर जब बाहर धूप में जाना हों, बंद एंव अत्यधिक गर्मी वाले स्थान पर भोजन पकानें से बचें। संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें। शराब, चाय, कॉफी, कार्बोहाइड्रेट, सॉफ्ट ड्रिंक आदि का अधिक सेवन ना करें। अधिक गर्मी/धूप में श्रम कार्य करने से बचें।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए 108 व 112 पर संपर्क करें।

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