न खुदा मिला, न विसाल-ए-सनम: ईरान जंग में उलझे ट्रंप,ईरान संकट में फंसे ट्रंप: न जीत मिल रही, न पीछे हटने का रास्ता
Neither God nor the beloved has been found: Trump embroiled in the Iran war; Trump trapped in the Iran crisis: neither victory nor retreat.

ईरान के साथ बढ़ते टकराव ने Donald Trump को ऐसी मुश्किल में डाल दिया है, जहां से निकलना आसान नहीं दिख रहा। सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर ठोस सफलता न मिलने से हालात उलझते जा रहे हैं। न तो कोई निर्णायक बढ़त हासिल हो पाई है और न ही ऐसा रास्ता दिख रहा है जिससे सम्मानजनक तरीके से पीछे हट सकें।Iran के साथ तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को झटका दिया है, और इसका दबाव अमेरिका के अंदर भी साफ महसूस किया जा रहा है। बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता ने आम लोगों की नाराजगी को हवा दी है।घरेलू राजनीति में भी ट्रंप के लिए हालात आसान नहीं हैं। गिरती लोकप्रियता और बढ़ते असंतोष ने Republican Party की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी के भीतर भी यह सवाल उठने लगे हैं कि इस रणनीति का अंत क्या होगा और इसका चुनावी असर कितना गंभीर हो सकता है।कुल मिलाकर स्थिति “न खुदा मिला, न विसाल-ए-सनम” जैसी बन गई है,न युद्ध में जीत मिल रही है, न ही पीछे हटने का कोई सम्मानजनक रास्ता नजर आ रहा है। ऐसे में ट्रंप के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता आखिर क्या होगा, वरना यह टकराव उनकी सत्ता के लिए भी खतरा बन सकता है।



