राजस्व मामलों के निस्तारण में आजमगढ़ ने प्रदेश में चौथा स्थान किया प्राप्त

जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए डीएम द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें,फील्ड विजिट,जनता दर्शन,आईजीआरएस प्रभावी मॉनिटरिंग अनुशासनात्मक कार्यवाही का दिख रहा सकारात्मक असर

आजमगढ़ 03 मई 2026/प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की अप्रैल माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है।

लखनऊ में सबसे अधिक कुल 18,861 मामले निस्तारित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत सभी जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में पूरे प्रदेश में कुल 3,37,708 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 18,861 मामले निस्तारित किए गए, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज कुल 12,036 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, बाराबंकी 9,139 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है।

आजमगढ़ ने 8,483 राजस्व मामले निस्तारित कर प्रदेश में चौथा स्थान किया प्राप्त

जनपद आजमगढ़ ने राजस्व मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रशासन की प्रतिबद्धता, सतत निगरानी एवं सुनियोजित कार्यप्रणाली का परिणाम है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व प्रकरणों के पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।जनशिकायतों के समाधान हेतु प्रशासन द्वारा बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड विजिट किए जा रहे हैं तथा जनता दर्शन के माध्यम से आमजन की समस्याओं को सीधे सुना जा रहा है। इसके अतिरिक्त आईजीआरएस पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जा रही है। जिलाधिकारी ने आगे बताया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि माह अप्रैल में आजमगढ़ ने राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है।इसी क्रम में बरेली जनपद ने 8,483 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है, जबकि जौनपुर ने 8,274 मामलों का निस्तारण कर छठवां स्थान हासिल किया है।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसी प्रकार की कार्यसंस्कृति बनाए रखते हुए जनहित में कार्य करते रहें तथा राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 350 के सापेक्ष 370 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर सुल्तानपुर और मानक 190 के सापेक्ष 199 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर गाजीपुर है। जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित मामलों में भी जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है।

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