हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, समुचित कार्य योजना लागू करने का दिया निर्देश
Health department on alert regarding heatwave, directed to implement appropriate action plan
सुनील कुमार, लातेहार
मुख्यमंत्री के निर्देशों के आलोक में उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई तथा बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव (लू) के मद्देनजर व्यापक तैयारी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को समग्र रूप से लागू किया जाए, ताकि लू से प्रभावित मरीजों को समय पर और प्रभावी उपचार मिल सके। पूर्व तैयारी पर विशेष जोर: निर्देश दिया गया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC/UPHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC/UCHC) एवं जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, IV फ्लूड्स, ओआरएस पैकेट्स एवं कूलिंग ट्रीटमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी चिकित्सकों, नर्सों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को हीटवेव केस मैनेजमेंट के लिए प्रशिक्षित करने पर भी बल दिया गया। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट रखते हुए आवश्यक संसाधनों जैसे आइस क्यूब, तौलिया एवं हाइड्रेशन सपोर्ट से लैस रखने के निर्देश दिए गए।
संवेदनशील वर्गों पर निगरानी: गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से ग्रसित मरीजों तथा कुपोषित बच्चों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, क्योंकि ये वर्ग हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश: मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव अलर्ट के आधार पर सभी चिकित्सा संस्थानों को सतर्क रखने और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित करने एवं एंबुलेंस कर्मियों को थर्मल इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण स्थलों, बाजारों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
रिकवरी और निगरानी व्यवस्था: हीटवेव से प्रभावित मरीजों की नियमित जांच और फॉलो-अप पर जोर देते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में हीट रिलेटेड इलनेस (HRI) सर्विलांस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत मरीजों का डेटा संकलन एवं रियल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ओआरएस वितरण केंद्रों की स्थापना कर आम नागरिकों को निःशुल्क ओआरएस एवं हाइड्रेशन पैक उपलब्ध कराने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य केंद्र में नियमित बिजली आपूर्ति के निर्देश: सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने को कहा गया। हीटवेव से बचाव के लिए सभी केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर दवाओं व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सदर अस्पताल में ओपीडी व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर: सदर अस्पताल में ओपीडी व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी लगाने और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारने को कहा गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने, स्वच्छता, रख-रखाव एवं मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अस्पतालों को आधुनिक एवं मरीज हितैषी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। 3 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापित लेखा लिपिकों की सूची तैयार कर,उन्हें स्थान्तरित करने का निर्देश दिया गया तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। वहीं आयुष्मान भारत डीजिटल मिशन के तहत उन्होंने ABHA आईडी निर्माण, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और टेलीमेडिसिन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मौके पर सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो, डीआरडीबी निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी डॉ चन्दन,कार्यपालक अभियंता विधुत विभाग श्री राजदेव मेहता,डीपीएम सदर अस्पताल निर्मल सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उपस्थित थें।



