Azamgarh News: 16 साल पुराने करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को 7 साल की सजा व 91 लाख रुपये अर्थदंड

आजमगढ़ बलरामपुर पटवध से बबलू राय

16 साल पुराने करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को 7 साल की सजा व 91 लाख रुपये अर्थदंड

आजमगढ़ जनपद के चर्चित धोखाधड़ी मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट संख्या-11 के न्यायाधीश अंकित वर्मा ने आरोपी सुभाष चौबे को सात वर्ष के कठोर कारावास तथा 91 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में प्रदान की जाए।

अभियोजन के अनुसार वादी इमरान अहमद निवासी टेउंगा, थाना फूलपुर की मुलाकात सुभाष चौबे निवासी गंभीरवन, थाना जहानागंज से हुई थी। आरोपी ने इमरान अहमद को जमीन खरीद-फरोख्त के व्यवसाय में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर साझेदार बनाने का प्रस्ताव दिया। विश्वास जीतने के लिए उसने लखनऊ स्थित एक ट्रस्ट की पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए।

आरोपी के झांसे में आकर इमरान अहमद ने 2 फरवरी 2008 को उसके साथ लिखित समझौता कर लिया। इसके बाद विभिन्न किश्तों में आरोपी को कुल 1 करोड़ 24 लाख रुपये दिए गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो कोई जमीन खरीदी गई और न ही निवेश का कोई लाभ मिला। जब पीड़ित ने अपनी धनराशि वापस मांगी तो आरोपी ने कुछ चेक दिए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए।

खुद को ठगा महसूस करने पर इमरान अहमद ने 7 दिसंबर 2010 को थाना फूलपुर में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार भाटी (राठी) तथा अधिवक्ता प्रशांत राय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर महत्वपूर्ण साक्ष्य और बयान दर्ज कराए।

साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त सुभाष चौबे पुत्र रामनयन चौबे निवासी गंभीरवन, थाना जहानागंज को दोषी ठहराया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 91 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया, जिसमें धारा 419 के तहत 10 लाख रुपये, धारा 420 के तहत 15 लाख रुपये, धारा 467 के तहत 40 लाख रुपये, धारा 468 के तहत 15 लाख रुपये तथा धारा 471 के तहत 11 लाख रुपये का अर्थदंड शामिल है।

इसके अतिरिक्त आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अर्थदंड की संपूर्ण राशि पीड़ित इमरान अहमद को प्रतिकर के रूप में दी जाए।

करीब 16 वर्षों तक चले इस मुकदमे में आए फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वहीं पुलिस मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने इसे प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्याय की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

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