अभिषेक बनर्जी पर हमले की राहुल गांधी ने की कड़ी निंदा, लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाई आवाज

Rahul Gandhi strongly condemns the attack on Abhishek Banerjee, raises voice for the protection of democracy

नई दिल्ली/कोलकाता।पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित हमले की कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कड़ी निंदा की है। राहुल गांधी ने इस घटना को लोकतंत्र और जनता के जनादेश पर हमला बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा का माध्यम नहीं बनाया जा सकता।

बात व्यक्ति नहीं, नीति की ; सभ्यता नहीं, सिस्टम की!

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक सांसद पर हमला केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की आवाज पर हमला है जिन्होंने उन्हें चुनकर संसद भेजा है। उन्होंने इस घटना को भाजपा की “बदले की राजनीति का घिनौना रूप” बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गाय-गोबर है चॉकलेटी : विष्णु नागर/ और अब कॉकरोच ‘जिहाद’! : राजेंद्र शर्मा

राहुल गांधी ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों से अपील की कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। उन्होंने अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मैजेंटा कूट्योर गाउन में सीरत कपूर ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, ओहाइला खान की बोल्ड ड्रेस में दिखीं बेहद ग्लैमरस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस घटना की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए एक प्रमुख विपक्षी नेता को पर्याप्त सुरक्षा न मिलना बेहद गंभीर मामला है। खरगे ने इसे विपक्षी नेताओं के प्रति प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति का उदाहरण बताया तथा सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

दुनिया के दिग्गज वैज्ञानिकों को जोड़ेगा ‘एलटीपीआई

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्षी नेताओं को जनता के बीच जाने और अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।

बात व्यक्ति नहीं, नीति की ; सभ्यता नहीं, सिस्टम की!

कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। पार्टी ने मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।ध्यान दें कि यह एक प्रशंसात्मक/समर्थनात्मक समाचार लेख है, इसलिए इसमें कांग्रेस और राहुल गांधी के पक्ष को प्रमुखता दी गई है। यदि आप संतुलित (दोनों पक्षों वाला) समाचार चाहते हैं, तो मैं वह भी तैयार कर सकता हूँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button