Azamgarh News:सर्पदंश उपचार केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ‘बंगाली डॉक्टर’ को नोटिस जारी, सीलिंग की चेतावनी

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
सर्पदंश उपचार केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ‘बंगाली डॉक्टर’ को नोटिस जारी, सीलिंग की चेतावनी
आजमगढ़ शहर के सिधारी स्थित क्लीनिक पर सर्पदंश के उपचार के नाम पर संचालित एक चर्चित केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आकस्मिक छापा मारा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा को प्राप्त शिकायत के आधार पर डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी (निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान) डॉ. आलेन्द्र कुमार ने शहर से सटे सिधारी ओवरब्रिज के समीप संचालित “बंगाली डॉक्टर” के नाम से प्रसिद्ध सर्प विष निवारण केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र के संचालक से उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय प्रक्रिया और उपयोग में लाई जा रही दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी गई। पूछताछ में संचालक ने स्वीकार किया कि यहां सर्पदंश के मरीजों का उपचार किया जाता है तथा इसके लिए मरीजों से शुल्क भी लिया जाता है।
डिप्टी सीएमओ ने जब उपचार की वैज्ञानिक पद्धति, प्रयुक्त औषधियों और उनके स्रोत के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी, तो संचालक कोई स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उन्होंने बताया कि उपचार में आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दोनों पद्धतियों का उपयोग किया जाता है, लेकिन उपचार की प्रक्रिया और औषधियों के संबंध में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित संचालक को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर उपचार की पूरी प्रक्रिया, उपयोग में लाई जा रही दवाओं का विवरण, उनकी वैधता तथा उपचार संबंधी अभिलेख मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि शिकायत की जांच और निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए अथवा केंद्र पर नियमों के विपरीत गतिविधियां पाई गईं, तो प्रतिष्ठान को सील करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने आमजन से अपील की कि सर्पदंश जैसी गंभीर और आपातकालीन स्थिति में केवल सरकारी अस्पतालों या विधिवत पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराएं। उन्होंने लोगों को अप्रमाणित और गैर-वैज्ञानिक उपचार पद्धतियों के झांसे में न आने की सलाह भी दी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और अब सभी की निगाहें नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद विभाग द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम पर टिकी हैं।



