Mau News:नए निबंधन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को लेकर धरना प्रदर्शन जारी।पुनर्विचार की मांग करते हुए हजारों परिवारों की आजीविका को बचाने की अपील

घोसी। मऊ।घोसी तहसील बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ और अन्य सहयोगी संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में भारी संख्या में अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक तहसील परिसर में एकत्र हुए। यहाँ से सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस तहसील के मुख्य द्वार से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग से गुजरा और उपनिबंधक कार्यालय घोसी पर जाकर एक विरोध सभा में तब्दील हो गया।

MauNews:19जून को मऊ जंक्शन पर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की उपस्थिति में छपरा से वीडियो कांफ्रेंसिंग से रेल मंत्री देंगे मऊ को कई सौगात।

रोजगार छीनने वाली व्यवस्था का होगा पुरजोर विरोध
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रस्तावित “निबंधक मित्र” व्यवस्था के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ऐसी किसी भी नीति या व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों का रोजगार प्रभावित होता हो। उन्होंने अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की मांगों को पूरी तरह न्यायोचित ठहराते हुए शासन से इस जनविरोधी प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की।

वरिष्ठ पत्रकार आफताब आलम से मिले आइडियल पत्रकार संघटन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा, पत्रकार हितों पर हुई विस्तृत चर्चा
आजीविका पर संकट का आरोप:
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ द्वारा 4 जून 2026 को एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में “निबंधक मित्र” की तैनाती और फ्रंट कार्यालय संचालित करने का प्रस्ताव है। आंदोलनकारियों का सीधा आरोप है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, ई-स्टांप विक्रेता और इस पूरे तंत्र से जुड़े हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

हरिद्वार में स्थापित हुआ 5211 किलो का विश्वविख्यात पारद शिवलिंग

यदि शासन द्वारा इस विवादित प्रस्ताव को जल्द से जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
इस चौथे दिन के आंदोलन और प्रदर्शन में मुख्य रूप से मार्कण्डेय सिंह, शहरयार खां, राजेशकुमार मौर्य,वहीजुद्दीन खान, सुरेश कुमार, कामरेड अमीमुन खान, महेंद्र कुमार, वीरेन्द्र श्रीवास्तव,दिवाकर चौहान, उदय प्रताप, बरकतुल्लाह उर्फ नन्हें खां, असलम खान, देवेंद्र पांडेय,जाहिद खान सहित भारी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button