Azamgarh News:अतरौलिया। नाली नहीं तो वोट नहीं”: जल निकासी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी।

अतरौलिया। नाली नहीं तो वोट नहीं”: जल निकासी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी।

स्थानीय क्षेत्र के ग्राम भोराजपुर कला में वर्षों से बनी जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। गांव में एकत्र हुए लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी विधानसभा, लोकसभा और ग्राम पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव की लगभग 1200 से 1500 की आबादी लंबे समय से जलभराव की समस्या झेल रही है। मुख्य मार्ग पर स्थायी रूप से पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित होता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की।

ग्रामीण मुदस्सिर अहमद ने बताया कि गांव में वर्षों से पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार जल निकासी के लिए मौजूद लगभग 11 बिस्सा गाड़े पर धीरे-धीरे अवैध कब्जा हो गया, जिससे पानी का बहाव रुक गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

बुजुर्ग ग्रामीण निसार अहमद ने कहा कि कई वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। पहले पानी निकासी का रास्ता था, लेकिन बाद में वह बाधित हो गया। उन्होंने कहा कि जब तक जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक ग्रामीण चुनाव में मतदान करने पर पुनर्विचार करेंगे। स्थानीय निवासी फरहान आजमी ने बताया कि गांव में मंदिर और मस्जिद दोनों हैं तथा श्रद्धालुओं को पूजा और नमाज के लिए इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। शादी-विवाह या अन्य कार्यक्रमों के समय ग्रामीण आपस में चंदा जुटाकर अस्थायी रूप से पानी निकलवाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित सफाई और दवा छिड़काव भी नहीं कराया जाता।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध कब्जों की जांच कराकर नाला निर्माण एवं जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संदर्भ में उप जिलाधिकारी अभय राज पांडे ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत संज्ञान में है। मामले की जांच नायब तहसीलदार को भेजकर कराई जाएगी। यदि कहीं अवैध कब्जे या जल निकासी में बाधा की स्थिति पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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