Azamgarh news :राजकीय अनुसूचित जाति (बालिका) छात्रावास में प्रवेश हेतु 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
राजकीय अनुसूचित जाति (बालिका) छात्रावास में प्रवेश हेतु 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जिला समाज कल्याण अधिकारी चेतन सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जाति (बालिका) छात्रावास, नगर पालिका, आजमगढ़ में शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु नवीन प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। निर्धारित प्राविधानों के अनुसार छात्रावास में कुल उपलब्ध सीटों के सापेक्ष 70 प्रतिशत सीटों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग तथा 30 प्रतिशत सीटों पर सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की पात्र छात्राओं का प्रवेश किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया में दिव्यांग छात्राओं को नियमानुसार वरीयता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि छात्रावास में प्रवेश छात्रा की शैक्षिक योग्यता, उच्च शिक्षा की प्राथमिकता, मूल निवास स्थान से शिक्षण संस्थान की दूरी एवं शासन द्वारा निर्धारित अन्य मानकों के आधार पर किया जाएगा। वर्तमान में छात्रावास में निवासरत छात्राएं, जो आगामी शैक्षिक सत्र में भी छात्रावास की सुविधा प्राप्त करना चाहती हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत अपना नवीनीकरण कराना होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जनपद आजमगढ़ के किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की पात्र छात्राएं समाज कल्याण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल upswdhms.upsdc.gov.in पर 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के समय नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो (jpg/jpeg/png प्रारूप, अधिकतम 100 केबी), जाति प्रमाण पत्र, वार्षिक आय प्रमाण पत्र (पीडीएफ प्रारूप), विद्यालय/महाविद्यालय से घर की दूरी का प्रमाण पत्र तथा वर्तमान शैक्षिक सत्र की फीस रसीद अथवा संस्थान द्वारा जारी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अपलोड करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने सभी पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय से ऑनलाइन आवेदन करें तथा आवेदन पत्र में सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरते हुए आवश्यक अभिलेख अपलोड करें, जिससे प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।



