Azamgarh news :आजमगढ़ में मालदीव भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाला शातिर साइबर अपराधी दबोचा गया

आजमगढ़ में मालदीव भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाला शातिर साइबर अपराधी दबोचा गया

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरफ्तार, फर्जी मालदीव वर्क परमिट बरामद

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

जनपद की साइबर सेल और सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो फर्जी मालदीव वर्क परमिट, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, नकदी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति मालदीव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने यादव ढाबा के पास घेराबंदी कर प्लेटिना मोटरसाइकिल से जा रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान थाना सिधारी क्षेत्र के हैदराबाद (छतवारा) निवासी 29 वर्षीय मुकेश यादव पुत्र चन्द्र भूषण यादव के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इंटरनेट से मालदीव के मूल वर्क परमिट का प्रारूप डाउनलोड कर अपने मोबाइल में रखता था और उसमें एडिटिंग कर विभिन्न लोगों के नाम से फर्जी वर्क परमिट तैयार करता था। इसके बाद वह व्हाट्सएप या प्रिंट कॉपी के माध्यम से दस्तावेज भेजकर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से धन वसूलता था। मोबाइल की जांच में मालदीव के आर्थिक विकास मंत्रालय के वर्क परमिट का टेम्पलेट भी मिला है, जिसका इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले मुंबई में मर्चेंट नेवी से जुड़े कार्य में था। वहीं उसकी पहचान विभिन्न राज्यों के ऐसे श्रमिकों से हुई थी जो विदेश में रोजगार की तलाश में थे। आरोपी ने उन्हीं पुराने संपर्कों का लाभ उठाकर खुद को विदेश में नौकरी और वीजा उपलब्ध कराने वाला बताकर लोगों को अपने झांसे में लिया और मालदीव समेत अन्य देशों में आकर्षक वेतन पर नौकरी का लालच देकर ठगी करता रहा।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी भाभी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यूनियन बैंक में एक बैंक खाता भी खुलवाया था। समन्वय पोर्टल की जांच में इस खाते के विरुद्ध पश्चिम बंगाल के एक शिकायतकर्ता की साइबर ठगी की शिकायत मिली। शिकायतकर्ता से विदेश भेजने के नाम पर कुल 35 हजार रुपये तय किए गए थे, जिनमें से 21 हजार रुपये लेकर आरोपी ने उसे फर्जी वर्क परमिट उपलब्ध कराया था।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में कई अन्य लोगों से भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की है। उसके बैंक खातों, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है।

आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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