Azamgarh news :मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट कारीगर हुए सम्मानित

मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट कारीगर हुए सम्मानित

माटीकला उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान, पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर जोर

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत आयोजित मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, आजमगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अजमतगढ़ मनीष मिश्रा ने महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

कार्यक्रम में आजमगढ़, मऊ एवं बलिया जनपदों के माटीकला कारीगरों ने अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में मूर्तियां, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, गुलदस्ते, लैम्प तथा अन्य कलात्मक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम का उद्देश्य माटीकला शिल्प को प्रोत्साहित करना, कारीगरों का उत्साहवर्धन करना तथा स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना रहा।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कारीगरों को सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार जनपद आजमगढ़ के रवि प्रजापति को रु0 15,000, द्वितीय पुरस्कार जनपद मऊ के अशोक प्रजापति को रु0 12,000 तथा तृतीय पुरस्कार जनपद बलिया के संतोष कुमार प्रजापति को रु0 10,000 की धनराशि एवं प्रशस्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि मनीष मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि माटीकला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आधुनिक समय में भी इस पारंपरिक कला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आमजन से अधिकाधिक माटीकला उत्पादों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम में अतिथि वक्ता एवं फाइन आर्ट के प्रवक्ता दिनेश कुमार मौर्य ने माटीकला उत्पादों के व्यवसायिक उपयोग, विपणन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। सोहित कुमार प्रजापति ने माटीकला शिल्पकारी में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, नवीन डिजाइनों एवं उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों से कारीगरों को अवगत कराया। उन्होंने तकनीकी नवाचार के माध्यम से पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आजमगढ़ दीपक मिश्रा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं कारीगरों के कौशल विकास, रोजगार सृजन एवं पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कारीगरों से विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का भी आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मऊ, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी बलिया सहित मण्डल के अधिकारी, कर्मचारी, माटीकला कारीगर एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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