आजमगढ़ में मां ने तीन बच्चों संग पोखरी में लगाई छलांग,दो मासूम बेटों की मौत,बेटी ने दिखाई बहादुरी
In Azamgarh, a mother jumped into a pond with her three children; two innocent sons died, while the daughter displayed bravery.

सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में रविवार सुबह हुई हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी।पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों और परिजनों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। इस दौरान पोखरी में डूबने से मृत दोनों मासूम बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। महिला का अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसके बयान, परिजनों से पूछताछ तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक महिला ने अपने तीनों बच्चों के साथ पोखरी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। हादसे में उसके दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि आठ वर्षीय बेटी ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खुद को बंधन से मुक्त कर लिया और गांव पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।पुलिस के अनुसार, करछा गांव निवासी बिंदलेश यादव की पत्नी जयप्रदा (26) रविवार सुबह अपने तीनों बच्चों को दवा दिलाने की बात कहकर घर से निकली थीं। वह सरायमीर कस्बे में वी-मार्ट के पीछे स्थित एक पोखरी के पास पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपनी साड़ी से बच्चों को बांधने के बाद पोखरी में छलांग लगा दी।इस दौरान आठ वर्षीय बेटी मानवी किसी तरह साड़ी का बंधन खोलकर पोखरी से बाहर निकल आई। इसके बाद वह करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक डेढ़ वर्षीय राघव और तीन वर्षीय कृष्ण की डूबने से मौत हो चुकी थी।ग्रामीणों की मदद से जयप्रदा को पोखरी से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। सूचना मिलने पर सरायमीर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।जांच में यह भी पता चला है कि जयप्रदा मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के खरसन गांव की रहने वाली हैं। परिजनों के अनुसार, वह करीब 15 दिन पहले बच्चों के साथ लखनऊ गई थीं, लेकिन रायबरेली से वापस लौट आई थीं।प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि महिला का इलाज जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है।



