एनकाउंटर नहीं मर्डर, गाय को घोषित करें माता,आजमगढ़ से अबू आसिम आजमी का सियासी वार, एनकाउंटर,गोकशी और गठबंधन परखुलकर बोले
Abu Asim Azmi launches a political attack from Jamgarh, speaking openly on encounters, cow slaughter and the alliance.

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और बेबाक बयानों के लिए चर्चित नेता अबू आसिम आजमी ने आजमगढ़ पहुंचकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में पुलिस की एनकाउंटर नीति, कानून के राज, गौकशी और संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।अबू आसिम आजमी आजमगढ़ के सबसे पहले आजमगढ़ नहीं पूरी दुनिया के मशहूर समाजसेवी मरहूम हाफिज इल्तिफ़ात के बनवाए हुए बीटी पैलेस उनके परिजनों से मुलाकात की बाद कुर्मी टोला स्थित निजामाबाद के दिवंगत विधायक आलम बदी आजमी के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत विधायक के परिजनों से मुलाकात की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आलम बदी आजमी के व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वह बेहद नेक दिल, सादगी पसंद और ईमानदार इंसान थे। वह हमेशा आम लोगों की समस्याओं और उनके हितों के बारे में सोचते रहते थे।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अबू आसिम आजमी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई संविधान और कानून के दायरे में ही होनी चाहिए। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी हो।
एनकाउंटर के नाम पर हत्या हो रही
अबू आजमी ने उत्तर प्रदेश सरकार की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में जिस तरह एनकाउंटर के नाम पर कार्रवाई की जा रही है, उसे वह वास्तविक एनकाउंटर नहीं मानते। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि कई मामलों में एनकाउंटर के नाम पर ‘मर्डर’ किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक मुठभेड़ की स्थिति वही मानी जानी चाहिए, जब कोई अपराधी पुलिस पर हमला करे और पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़े।सपा नेता ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और सरकार दोनों संविधान से बंधे हैं। उनके मुताबिक अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को अपराध करने का अधिकार नहीं है, लेकिन अपराध के आरोप में किसी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकार भी समाप्त नहीं हो जाते। सरकार और पुलिस को कानून के मुताबिक ही कार्रवाई करनी चाहिए।उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। विपक्षी दल जहां सरकार की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से इसे अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के तौर पर पेश किया जाता रहा है। ऐसे में अबू आजमी का बयान इसी राजनीतिक बहस को एक बार फिर सामने ले आया है।
गठबंधन को लेकर बोले-अभी मजबूत है स्थिति
मीडिया बातचीत के दौरान अबू आसिम आजमी से आगामी विधानसभा चुनाव और गठबंधन की राजनीति को लेकर भी सवाल किया गया। खासतौर पर एआईएमआईएम के साथ चुनावी गठबंधन की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल गठबंधन मजबूत है और उन्हें सरकार बनने का पूरा भरोसा है।उन्होंने भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की संभावना से जुड़े सवाल पर स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। यानी स्थानीय स्तर पर किसी तरह की घोषणा करने के बजाय उन्होंने गठबंधन को लेकर फैसला पार्टी नेतृत्व पर छोड़ दिया।उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक दलों के बीच रणनीतिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में गठबंधन की संभावनाएं भी राजनीतिक चर्चाओं का अहम हिस्सा बन गई हैं। खासकर विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे और आपसी तालमेल को लेकर आने वाले समय में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अबू आजमी का बयान इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।ओम प्रकाश राजभर पर भी साधा निशानाअबू आसिम आजमी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के राजनीतिक कद को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने राजभर के राजनीतिक कद को काफी छोटा बताया। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक और राजनीतिक बहस को हवा मिल सकती है।ओम प्रकाश राजभर प्रदेश की राजनीति में पिछड़े वर्ग और विशेष रूप से राजभर समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। वह लंबे समय से पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में आजमगढ़ जैसे पूर्वांचल के महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र में अबू आजमी की ओर से की गई टिप्पणी को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।अबू आजमी के बयानों से साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेता प्रदेश सरकार की नीतियों पर मुखर होकर सवाल उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर, गठबंधन और सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान इसी राजनीतिक तेवर को दर्शाते हैं।
गौकशी के मुद्दे पर बोले-कड़ी कार्रवाई हो
बातचीत के दौरान गौकशी के मुद्दे पर भी अबू आसिम आजमी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि गाय काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि गौकशी करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए।हालांकि, इसी के साथ उन्होंने पूरे देश में एक समान नीति लागू किए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि यदि गाय को गौमाता का दर्जा दिया गया है और उसके संरक्षण को लेकर कानून बनाए गए हैं, तो ऐसी व्यवस्था केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।अबू आसिम आजमी ने उत्तर-पूर्वी राज्यों और गोवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि गाय को लेकर देश में एक विशेष नीति की बात की जाती है, तो उसका स्वरूप पूरे देश में एक जैसा होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अलग-अलग राज्यों में इस विषय को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं क्यों हों।गौ संरक्षण और गौकशी का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश में गोवंश संरक्षण से जुड़े कानून और उनके क्रियान्वयन को लेकर समय-समय पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। अबू आज़मी आजमी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर समान कानून की मांग से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
दिवंगत विधायक आलम बदी आजमी को किया याद
इससे पहले अबू आसिम आजमी निजामाबाद के दिवंगत विधायक आलम बदी आजमी के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत विधायक के साथ अपने संबंधों और उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि आलम बदी आजमी बेहद नेक दिल इंसान थे। उनकी सादगी और ईमानदारी लोगों के बीच उनकी अलग पहचान बनाती थी।अबू आसिम आजमी के मुताबिक, आलम बदी आजमी हमेशा आम लोगों की चिंता करते थे और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच दिवंगत विधायक के सामाजिक और राजनीतिक जीवन की चर्चा भी हुई।श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम के बाद हुई पत्रकार वार्ता ने हालांकि राजनीतिक रंग ले लिया। अबू आजमी ने एक के बाद एक प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी। इससे आजमगढ़ में सियासी गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
2027 से पहले बढ़ेगी राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी माहौल तैयार करना शुरू कर दिया है। पूर्वांचल की राजनीति हमेशा से उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। आजमगढ़ भी प्रदेश की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां से आने वाले राजनीतिक बयान स्वाभाविक रूप से व्यापक राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते हैं।अबू आसिम आजमी के ताजा बयान में तीन प्रमुख मुद्दे उभरकर सामने आए-सरकार की एनकाउंटर नीति, गौकशी को लेकर कानून और विपक्षी गठबंधन की राजनीति। उन्होंने जहां एनकाउंटर को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं गौकशी के मामले में बेहद सख्त सजा की मांग की। दूसरी ओर गठबंधन के सवाल पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्णय को अंतिम बताते हुए फिलहाल मौजूदा राजनीतिक तालमेल को मजबूत बताया।उनके बयान का सबसे तीखा हिस्सा एनकाउंटर नीति को लेकर रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कार्रवाई को संविधान और कानून के दायरे से बाहर नहीं जाना चाहिए। उनका कहना था कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया भी कानून के मुताबिक होनी चाहिए।राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में सपा और उसके संभावित सहयोगी दलों की रणनीति किस दिशा में जाती है। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ कानून-व्यवस्था, सामाजिक समीकरण, पिछड़े वर्ग की राजनीति, गौ संरक्षण और गठबंधन जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में आ सकते हैं।अबू आसिम आजमी के बयान ने फिलहाल उत्तर प्रदेश की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ उन्होंने सरकार की एनकाउंटर नीति को लेकर कड़ा सवाल उठाया है, तो दूसरी तरफ गौकशी के मामले में कठोरतम सजा की मांग कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। वहीं गठबंधन को लेकर उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले को महत्वपूर्ण बताया है।कुल मिलाकर, आजमगढ़ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए पहुंचे समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनके बयानों से यह संकेत जरूर मिला है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी का दौर और तेज होने वाला है। आने वाले समय में विपक्ष की ओर से सरकार की नीतियों को लेकर और मुखर हमले देखने को मिल सकते हैं, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब भी राजनीतिक माहौल को और गरम कर सकता है। समाचार लिखे जाने तक अबू आसिम आदमी का कार्यक्रम जनपद के आधा दर्जन स्थानों पर होता रहा और कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह पाया गया,इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व विधायक आदिल शेख, वसीम अहमद,मामा मोअज्जम,सलीम शेख, अजीम शेख, सहित बड़ी संख्याम में आबूअसीम आज़मी के समर्थक कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे।
एडिटर आफताब आलम



