आजमगढ़;80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कारागार मंत्री द्वारा हरिऔध कला केन्द्र में किया गया झण्डारोहण, वन्दे मातरम व राष्ट्रगान का हुआ सामूहिक गायन
Azamgarh: On the occasion of 80th Independence Day, the Jail Minister hoisted the flag at Hariaudh Kala Kendra, and Vande Mataram and the National Anthem were sung collectively.

आजमगढ़ 15 अगस्त, 2026/,80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान द्वारा हरिऔध कला केन्द्र के प्रांगण में झण्डारोहण किया गया। साथ ही राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम व राष्ट्रगान का सामूहिक गायन भी हुआ।इस अवसर पर कारागार मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज यहां पर जो भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति किये गये, वो बहुत ही शानदार रहे। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से पूरे देश में हर घर तिरंगा अभियान बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि तिरंगे के आन-बान व शान तथा पहचान एवं देश की आजादी के लिए बहुत सारे क्रान्तिकारी, महापुरूषों, जन नायकों ने अपना बलिदान दिया है। उन्होने कहा कि आज हम जो खुले आसमान में स्वतंत्रता की सांस ले रहे हैं, यह बहुत सारे वीरों/बलिदानियों के बलिदान से ही मिला है। दारा सिंह चौहान ने कहा कि देश की आजादी में आजमगढ़ के वीर सपूतों व सेनानियों ने भी अपना योगदान दिया है। यह अफसोस है कि हमें आजादी तो मिली, किन्तु एकता नहीं विभाजन के आधार पर। उन्होने कहा कि देश की आजादी हमें आसानी से नही मिली है। कल ही हम लोगों ने देखा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से विभाजन में लाखों व्यक्तियों ने अपनी कुर्बानी दी। अब ब्रम्होस मिसाइल लखनऊ में भी बनने लगा है। आपरेशन सिन्दूर में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। आज महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आज प्रधानमंत्री जी लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत सबसे ज्यादा जवान देश है। यहां के नौजवानों, युवा शक्तियों के सदुपयोग से देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि विकसित भारत 2047 तक शहीदों, अमर सेनानियों के राष्ट्रीय आदर्श व मूल्य स्थापित हो पायेंगे। सामाजिक व शासकीय सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 32 लोगों को कारागार मंत्री, मण्डलायुक्त, डीआईजी, डीएम, एसएसपी, सीडीओ द्वारा उनके कार्य की सराहना करते हुए मोमेण्टो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित सभी 32 लोगों ने अपने क्षेत्र में कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा, समर्पण, पूर्ण मनोयोग से कार्य करते हुए जनपद आजमगढ़ के चौमुखी विकास मंे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।मण्डलायुक्त विवेक ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र व स्वतंत्रता दो महत्वपूर्ण तत्व हैं और दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्र राष्ट्र में ही मानवीय मूल्यों व आदर्शाें की स्थापना होती है। व्यक्ति और समृष्टि में वही सम्बन्ध है, जो ईंट व ईमारत में होती है। उन्होने मण्डल के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा कि हम सभी ऐसा कार्य करें कि अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ सकें। उन्होने अन्त्योदय व सर्वोदय विचारधारा पर बल दिया।पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि देश के स्वाधीनता संग्राम में अनेक वीरों, क्रांतिकारियों, राष्ट्र नायकों ने यातनायें सही, काला पानी की सजा पाये और अपने प्राणों की आहूति देकर देश को आजादी दिलाई। उन्होने युवाओं से कहा कि हमें आजादी के मूल्यों, आदर्शों, विचारों को अपनाना होगा, जिससे हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ें। हमें उन महापुरूषों के संस्कार व सपने को साकार करना है, जिस अखण्ड भारत की उन सभी ने कल्पना किया था।जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनपद स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के लिए पूरे भारतवर्ष ने लंबा संघर्ष किया और जनपद आजमगढ़ भी इस संघर्ष में कहीं पीछे नहीं रहा। आजमगढ़ की धरती ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान न केवल बढ़-चढ़कर भागीदारी की, बल्कि यहां के अनेक वीरों ने जेल यातनाएं सहीं और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान भी दिया। उन्होने बताया कि 1857 में आजादी का प्रथम बिगुल बजने से लेकर 1947 तक स्वतंत्रता के लगभग प्रत्येक प्रमुख आंदोलन में आजमगढ़ के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जिलाधिकारी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि आजमगढ़ की पुलिस लाइन में सूबेदार अहीर बन्धु जैसे वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंका। उनके साहस से प्रेरित होकर स्थानीय लोग भी उनके साथ खड़े हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि आजमगढ़ उन चुनिंदा स्थानों में शामिल हुआ, जो 1857 के दौरान लगभग 81 दिनों तक अंग्रेजी हुकूमत के नियंत्रण से बाहर रहा। यह आजमगढ़ धरती के लोगों की ऊर्जा, उमंग, साहस और अदम्य हिम्मत का प्रमाण है। उन्होंने असहयोग आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी के आह्वान पर विदेशी वस्त्रों और विदेशी सामान के बहिष्कार का आंदोलन चला। आजमगढ़ में लोगों ने देशभक्ति की ऐसी मिसाल पेश किया कि दुकानदारों ने अपनी ही दुकानों के विदेशी कपड़े निकालकर उनमें आग लगा दी। अलगूराम शास्त्री जैसे वीरों ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। वर्ष 1921 में महात्मा गांधी जी और पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का आजमगढ़ आगमन हुआ और यहां बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान अनेक लोगों को जेल भी जाना पड़ा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार ने कहा कि हम सभी को अपने देश को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की भावना से कार्य करना चाहिए, यही स्वतंत्रता दिवस की सार्तकता है। संविधान मंे निहीत मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। आजादी के 100वीं वर्षगांठ 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। अपनी समृद्ध विरासत और स्वाधीनता आदर्शों को अपनाते हुए हमें आधुनिक विकास के मार्ग पर अग्रसर होना है। प्रतिष्ठा व अवसर की समानता तथा व्यक्ति की गरिमा हमारे संविधान के प्रमुख आदर्श हैं। कार्यक्रम में राजकीय बालिका इण्टर कालेज आजमगढ़ छात्राओं ने शानदार स्वागत गीत की प्रस्तुति के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। अग्रसेन कन्या इण्टर कालेज की छात्राओं ने देशभक्ति सामूहिक नृत्य के माध्यम से स्वाधीनता के मूल्यों को रेखांकित किया। कम्पोजिट विद्यालय सरायमीर के नन्हे-मुन्हें छात्रों ने कदम ताल मिलाते हुए सैन्य बलिदान जीवन का ऐसा जीवन्त नाटक पेश किया कि पूरा ऑडिटोरियम खड़े होकर करतल ध्वनि के साथ उनका हौसला बढ़ाते हुए उनके परेड व प्रस्तुति की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा किया। जीजीआईसी आजमगढ़ की छात्राओं ने ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों’’ का ऐसा मार्मिक गायन किया कि लोगों के आंखों में आंसू आ गये। सभी अतिथियों व उपस्थित जनमानस ने उपर्युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रशंसा किया। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने स्वाधीनता मूल्यों पर बल देते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम मंे जिलाध्यक्ष आजमगढ़ धु्रव सिंह, लालगंज विनोद राजभर, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीआईओएस अजय कुमार, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी नवीन सिंह सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं जन प्रतिनिधिगण, छात्र-छात्रायें व बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित रहे।



