Azamgarh News:राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में हुई सगड़ी तहसील में महिला जनसुनवाई*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय

*राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में हुई सगड़ी तहसील में महिला जनसुनवाई*

*महिला जन सुनवाई, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय निरीक्षण, ग्राम चौपाल के माध्यम से महिला उत्थान पर बल- डॉ0 प्रियंका मौर्या*

*जन सुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न से जुड़े 19 मामलों आए, मा0 सदस्य ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के दिये निर्देश*

*डॉ0 प्रियंका मौर्या ने तरौका में ग्रामीणों से किया संवाद, योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर*

*महिला सुरक्षा एवं कल्याण को लेकर ग्राम चौपाल में जागरूकता, शिकायतों के समाधान के निर्देश*

*मा0 सदस्या ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

आजमगढ़, 25 अगस्त 2026//

उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्या डॉ0 प्रियंका मौर्या ने अपने जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत तहसील सगड़ी के सभागार में महिला जनसुनवाई आयोजित कर महिलाओं की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जीयनपुर का निरीक्षण, व ग्राम तरौका में जन चौपाल लगाकर महिलाआंे के समग्र उत्थान पर बल दिया।

जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू विवाद, पति-पत्नी के बीच विवाद, मारपीट सहित विभिन्न प्रकरणों से संबंधित कुल 19 मामले प्रस्तुत हुए। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान एक नाबालिग बालिका से संबंधित प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण या अपराध किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। इस दौरान उन्होने संबंधित बालिका की काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया तथा प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर अपराध की ओर ले जाने, उनका शोषण करने अथवा मानव तस्करी जैसे मामलों की आशंका होने पर संबंधित एजेंसियों द्वारा पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक पीड़िता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

डॉ. प्रियंका मौर्या ने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित न्याय दिलाना तथा उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। विशेष रूप से नाबालिग बालिकाओं से जुड़े मामलों में उनकी सुरक्षा, काउंसलिंग तथा विधिक संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।

मा0 सदस्या डॉ0 प्रियंका मौर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित एवं सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला एवं बालिका कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

जनसुनवाई में प्राप्त अन्य मामलों में पति-पत्नी के विवाद, मारपीट तथा महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला जनसुनवाई का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिलाओं से अपील किया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा अथवा शोषण की स्थिति में चुप न रहें और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा एवं सम्मान के लिए शासन द्वारा संचालित व्यवस्थाओं का प्रभावी लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है।

इसके पश्चात मा. राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में विकास खण्ड अजमतगढ़ के ग्राम तरौका में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों, विशेष रूप से महिलाओं की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। ग्राम चौपाल में महिलाओं द्वारा प्राप्त शिकायतों के सम्बन्ध में सदस्य ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायतों के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पात्र लाभार्थियों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डॉ. प्रियंका मौर्या ने कहा कि ग्राम चौपाल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं आमजन को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्याओं को केवल शिकायत के रूप में न लेकर संवेदनशीलता के साथ समझा जाए और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों एवं शासन द्वारा संचालित महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा अथवा शोषण की स्थिति में महिलाएं चुप न रहें और संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दें। उन्होंने महिला सुरक्षा एवं सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में भी अवगत कराया गया।

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम चौपाल में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण की सूचना संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील किया कि वे अपने गांव में स्वच्छता, बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा, पोषण एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव अथवा हिंसा का विरोध करने का आह्वान किया। ग्राम चौपाल में संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

इसके साथ ही उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की सदस्या द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जीयनपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में आवासित छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डॉ. प्रियंका मौर्या ने छात्राओं से संवाद कर उनके पठन-पाठन, रहने, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्राओं से यह भी पूछा कि विद्यालय में उन्हें किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है। छात्राओं द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्राओं के लिए उपलब्ध भोजन, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, आवासीय व्यवस्था, अध्ययन एवं सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने निर्देशित किया कि विद्यालय में आवासित छात्राओं को शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। छात्राओं की शिक्षा एवं सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने, छात्राओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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