आजमगढ़:शहीदे आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर हर्षो उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ कवि सम्मेलन

रिपोर्ट:रोशन लाल
बिलरियागंज/आजमगढ़:आजमगढ़ जिला के रौनापार थाना क्षेत्र के हैदराबाद निवासी नर्वदेश्वर मिश्रा के आवास पर कवि सम्मेल का आयोजन किया गया जो हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सुधारक श्री लाल बिहारी मृतक व वरिष्ठ कवि श्री संजय पांडेय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसिद्ध एवं आंचलिक कवियों ने अपनी प्रस्तुति से शमां बाद दिया। कवि सम्मेलन का का संचालन युवा कवि श्री उत्कर्ष प्रियम ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवि दालसिंगार यादव ने”माई हो बीड़ा वाली, वीणा बजा के आजा”की मनमोहक सरस्वती वंदना की प्रस्तुति देकर किया। तत्पश्चात कवि सम्मेलन को आगे बढ़ते हुए वरिष्ठ कवि श्री संजय पांडेय ने”अब तो मजहबी झगड़ा कभी नहीं होंगे, अब तो प्रेम का पाठ पढ़ना होगा”। कवि सम्मेलन में वरिष्ठ कवि आर्य हरीश ‘कौशलपुरी’ ने अपनी रचना-“कभी गिरजा कभी शिवाला बैठी रहती है, मेरी मां ओढ़ कर दुशाला बैठी रहती है”प्रस्तुत कर कार्यक्रम को नई ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम में अपने हास्य व्यंग्य रचना-कुत्ते के माध्यम से जनता एवं वर्तमान परिस्थितियों पर करारी चोट की। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि श्री महेंद्र सिंह ‘भोदू’ ने “बहुत बचत है झूठ में, सर सर बोला झूठ, गर सच्चा यदि बोल बा, हाथ पैर जाई टूट”प्रस्तुत कर गुदगुदाया। कार्यक्रम में अन्य कवि श्री राम दरस यादव, श्री गंगा यादव, श्री जितेंद्र नूर, श्री सुभाष विश्वकर्मा, श्री विमल शंकर , एवं शायर श्रीमुश्तर आजमी,बाकर आजमी वह श्री राजू आजमी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर कार्यक्रम को अपनी गति प्रदान की। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री लाल बहादुर ‘मृतक’ ने अपनी रचना”मैं कंकाल हूं या इंसान, कौन करे इस देश में इसकी पहचान”प्रस्तुत किया। अंत में कार्यक्रम की संयोजक वरिष्ठ पत्रकार से नर्वदेश्वर मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ कवियों एवं अन्य गणमान्य लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



