आजमगढ़ सहित इन पांच सीटों पर भाजपा सपा में मुकाबला बेहद दिलचस्प,पिछली बार मिली थी हार

BJP’s political strategy in the last Lok Sabha elections The BJP’s political structure in five seats – Purvachal, Azamgarh, Lalgunj, Kausi, Ghazipur and Jaunpur – proved to be a failure. The party suffered defeat. Even Manoj Sinha, the stalwart Bhumihar leader of Purvanchal, suffered defeat,पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सियासी रणनीति पांच सीटों-पूर्वाचल, आजमगढ़, लालगंज, कौसी, गाजीपुर और जौनपुर में बीजेपी की सियासी रचना नाकाम साबित हुई. इसलिए पार्टी को हार का सामना करना पड़ा.यहां तक ​​कि पूर्वांचल के कद्दावर भूमिहार नेता मनोज सिन्हा को भी हार का सामना करना पड़ा. बता दें कि पूर्वांचल में हारी पांच सीटों पर बीजेपी के प्रदर्शन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2019 के आम चुनाव में आज़मगढ़ लोकसभा सीट ढाई लाख से अधिक मतों के अंतर से जीता था।बता दें कि 2022 में जब अखिलेश यादव ने संसद से इस्तीफा दिया तो उपचुनाव में बीजेपी के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने जीत हासिल की. इससे पहले 1989 से 2014 के बीच हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी सिर्फ एक बार 2009 में रमाकांत यादव के खिलाफ इस सीट पर जीत हासिल की थी. दरअसल 2019 के विधानसभा चुनाव में लालगंज (उत्तर प्रदेश) की लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी की संगीता आज़ाद ने जीत हासिल की, 1989 से 2014 के बीच हुए आम चुनावों में बीजेपी ने सिर्फ एक बार 2014 में नीलम सोनकर ये सीट जीती थी।मऊ निर्वाचन क्षेत्र से 2019 गोसी लोकसभा चुनाव में, बहुजन समाज पार्टी और 1989 से 2014 के बीच हुए लोकसभा चुनाव में हरिनारायण राजभर की बदौलत बीजेपी ने घोसी सीट सिर्फ एक बार 2014 में जीती. 2019 के आम चुनाव में गाजीपुर लोकसभा से बहुजन समाज पार्टी के अफजाल अंसारी ने जीत हासिल की. बता दें कि इससे पहले वर्ष 1989 से 2014 के बीच भाजपा यहां से चार बार लोकसभा का चुनाव जीत चुकी है। आपको बता दें 2019 के आम चुनाव में चंदौली लोकसभा सीट पर बीजेपी के डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने महज 13,959 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. तो वहीं इससे पहले इसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से साल 2014 का आम चुनाव डॉ. पांडेय ने डेढ़ लाख से ज्यादा मतों के अंतर से जीता था. ऐसे में इस बार चंदौली का लोकसभा चुनाव मज़ेदार होगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2022 में प्रदेश में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई है.इसके बाद भी पूर्वांचल में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं था. साल 2022 में आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र की सभी 5 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को हार झेलनी पड़ी है. हालांकि इसी तरह से लालगंज (सु.) लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों पर भी भाजपा हारी, गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र की 5 विधानसभा सीटों में से एक पर भी भाजपा उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका था. घोसी लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक पर भाजपा को जीत मिली. जौनपुर लोकसभा क्षेत्र की पांच सीटों में से भाजपा केवल दो सीटें जीतने मे सफल रही।Even after this, the BJP’s performance in Purvanchal was not good. In 2022, the BJP is set to lose all five assembly seats in the Azamgarh Lok Sabha constituency. Similarly, the BJP lost five assembly seats in Lalgunj (South) Lok Sabha constituency, but failed to win one of the five assembly seats in Ghazipur Lok Sabha constituency. The BJP won only one of the five assembly seats in the Ghosi Lok Sabha constituency. The BJP won only two of the five seats in the Jaunpur Lok Sabha constituency.

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