शहरी इलाकों में पेड़ों की कटाई अवैज्ञानिक और भयानक है : दीया मिर्जा

Felling of trees in urban areas is unscientific and dangerous: Dia Mirza

सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सक्रिय रूप से भाग लेने वाली एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने शनिवार को शहरी इलाकों में पेड़ों की कटाई पर खुलकर बात की और अधिकारियों से बेहतर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

 

 

मुंबई, 4 मई । सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सक्रिय रूप से भाग लेने वाली एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने शनिवार को शहरी इलाकों में पेड़ों की कटाई पर खुलकर बात की और अधिकारियों से बेहतर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

 

 

 

दीया, जिन्हें पिछली बार ‘मेड इन हेवन’ में देखा गया था, ने इंस्टाग्राम पर एक पेड़ के नीचे बैठे हुए अपनी एक खूबसूरत तस्वीर साझा की। उन्होंने ब्लू कलर का सूट पहना हुआ है और साथ ही सफेद शॉल ले रखा है। उन्होंने पक्षियों और वन्यजीव प्रजातियों की तस्वीरों की एक सीरीज भी साझा की।

 

 

 

उन्होंने अपने पोस्ट की शुरुआत कैफी आजमी की एक शायरी से की जिसमें मानसून की तैयारी में हर साल दरख्तों की छंटाई पर वह अपने मन की उदासी बयां करते हैं। एक्ट्रेस ने आगे लिखा है, ” ‘कांट-छांट’ अवैज्ञानिक और भयानक है। देश भीषण गर्मी की चपेट में है। जो पेड़ अपनी छाया से हमें कुछ राहत देते हैं, उन्हें बेरहमी से काटा जा रहा है।”

 

 

 

दीया ने कहा, “साल-दर-साल, हम अधिक सुधार प्रक्रिया की भीख मांगते हुए अधिकारियों के पास पहुंचते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता।” उन्होंने कमेंट्स में शहरी केंद्रों में पेड़ों के लाभ बताते हुए बीएमसी को टैग करने का अनुरोध किया, ताकि “हम उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह कर सकें कि बेहतर चीजों को लागू किया जाए। तस्वीरें उस वास्तविकता का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं जिससे हम निपट रहे हैं। लेकिन यह इस बात का प्रतिनिधित्व है कि जब हम प्रकृति को अपना जादू करने की अनुमति देते हैं तो कैसा महसूस होता है”।

 

 

 

 

बता दें कि, हाल ही में एक्ट्रेस ने लखनऊ में दो चीता शावकों को गोद लिया है। उन्हें 2017 में भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया और उन्होंने देश में जंगली हाथियों के लिए कम होती जगह के बारे में जागरूकता बढ़ाने के अभियानों का समर्थन किया।

 

इस बीच, फिल्मों की बात करें तो दीया को ‘धक धक’, ‘भीड़’ और ‘थप्पड़’ में देखा गया था।

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