कान सिनेमैटोग्राफी पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बने संतोष सिवन
Santosh Sivan becomes first Asian to win the Cannes Cinematography Prize

कान, 25 मई । एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी में प्रतिष्ठित पियरे एंजनीक्स एक्सेलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान भारत के राजदूत जावेद अशरफ भी मौजूद रहे। संतोष सिवन ने ही प्रीति जिंटा की पहली फिल्म ‘दिल से’ शूट की थी।
सिवन यह पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए।
सिवन को सम्मानित किए जाने से पहले, फ्रांस में भारत के राजदूत जावेद अशरफ ने वेलकम स्पीच में बताया कि कैसे यह फिल्म महोत्सव भारत के लिए बेहद खास है।
राजदूत अशरफ ने बताया कि कान फिल्म फेस्टिवल भारत के लिए हमेशा खास रहा है। आपने हमारे टैलेंट को पहचाना और हमें सम्मानित किया। यहीं पर हमारे सपने पूरे हुए और कईयों के करियर ने उड़ान भरी।
पुरस्कार प्राप्त करने पर सिवन ने कहा, “यह मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत दिन है। इस पुरस्कार को पाने के लिए कान फिल्म फेस्टिवल से अच्छी कोई और जगह नहीं हो सकती।”
सिवन ने अपने गृह राज्य केरल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं केरल से हूं और यहां की संस्कृति को मैंने बारीकी से जाना है। मलयालम इंडस्ट्री से मैंने कुछ बातें सीखी, जिनके बिना सिनेमैटोग्राफी नहीं होती। वहां से मैं तमिल सिनेमा और हिंदी से हॉलीवुड में शिफ्ट हो गया। इस प्रोफेशन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी कोई सीमा नहीं है।”
भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) से ग्रेजुएट और पद्मश्री से सम्मानित सिवन ने 55 फीचर फिल्में और 50 डॉक्यूमेंट्री बनाई हैं, और कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।
मणिरत्नम की ‘दिल से’ से उनके करियर को अलग मोड़ मिला। इस फिल्म में प्रीति, मनीषा कोइराला और शाहरुख खान लीड रोल में थे।
राजकुमार संतोषी की अपकमिंग पीरियड ड्रामा ‘लाहौर 1947’ में प्रीति और सिवन एक बार फिर साथ काम करेंगे।



