सीएम योगी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दी पुष्पांजलि, आर्टिकल 370 पर कांग्रेस को घेरा

CM Yogi pays tribute to Shyama Prasad Mukherjee on his death anniversary, surrounds Congress on Article

लखनऊ, 23 जून: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर लखनऊ में पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई अन्य नेताओं ने भी डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी ने मीडिया से बात करते हुए आर्टिकल 370 को लेकर कांग्रेस पर प्रहार किया।

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत माता के महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का आज बलिदान दिवस है। देश में ‘एक प्रधान, एक विधान और एक निशान’ के मुद्दे को लेकर 23 जून 1953 को भारत की अखंडता के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया था। हम सब जानते हैं कि 1947 को देश आजाद हुआ था। अपना संविधान 1950 में लागू हुआ। संविधान के लागू होने के बाद तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने आर्टिकल 370 जोड़कर राष्ट्रीय अखंडता को गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास किया था।”

 

 

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, ”तत्कालीन सरकार की इन्हीं मंशाओं को ध्यान में रखते हुए उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना पद छोड़ दिया और देश की प्रतिष्ठा तथा अखंडता के लिए कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के लिए उन्होंने एक व्यापक आंदोलन प्रारंभ किया था। भारतीय जनसंघ के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीर सत्याग्रह के लिए उन्होंने जो अभियान शुरू किया, इसके लिए उन्हें अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म करके साकार हो रहा है।”

 

 

 

 

 

 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ”अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पावन बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। देश में ‘एक प्रधान, एक विधान और एक निशान’ विचार के पुरोधा श्रद्धेय मुखर्जी ने कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के लिए व्यापक आंदोलन किया। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उन्हें अपने प्राण त्यागने पड़े। मां भारती की सेवा के लिए वे सदैव याद किए जाएंगे।”

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