टी20 बल्लेबाजी में सबसे मुश्किल काम बड़ी आसानी से कर रहे हैं रिंकू सिंह

Rinku Singh is easily doing the most difficult thing in T20 batting

नई दिल्ली, 8 जुलाई: भारत के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह टी20 क्रिकेट में वो काम लगातार बड़ी आसानी से कर रहे हैं, जो इस खेल में काफी मुश्किल माना जाता है। रिंकू सिंह अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से फिनिशिंग का काम बड़ी सहजता के साथ कर रहे हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में महज 22 गेंदों पर 48 रनों की नाबाद पारी खेली और भारत का स्कोर 234 रनों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

फिनिशिंग ऐसी भूमिका है जहां एक बल्लेबाज को परिस्थितियों के हिसाब से खेलते हुए ना केवल अंत तक टिकना होता है, बल्कि रन गति को भी बढ़ाना होता है। तेज रन बनाने के फेर में कई बल्लेबाज अपना विकेट गंवा देते हैं। यही फिनिशर की चुनौती है, जिसके लिए विशेषज्ञता की जरूरत है। रिंकू सिंह फिलहाल जिस तरह से इस कला में महारत हासिल करते दिखाई दे रहे हैं, वह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा शुभ संकेत है।

26 साल के रिंकू ने फिनिशिंग की भूमिका को इतनी बड़ी सफलता के साथ अंजाम दिया है कि उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय औसत 17 मैचों के बाद 80.80 है। इतना बड़ा औसत बताता है कि वे कितनी बार नाबाद रहे हैं। रिंकू सिंह इन मैचों में 8 बार नाबाद लौटे हैं और इसके साथ उन्होंने रन गति को भी ऊपर किया है। उनका स्ट्राइक रेट 178.76 का है जो इतने औसत के साथ अद्भुत है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिंकू सिंह 38(21), 37*(15), 22*(14), 31*(9), 46(29), 6(8), 68*(39), 14(10), 16*(9), 9*(9), 69*(39), 0(2) & 48*(22) की पारियां खेल चुके हैं। ये आंकड़ा उनकी काबिलियत को बयां करता है। हालांकि रिंकू सिंह उस प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बन पाए थे जिसने टी20 विश्व कप जीता था, लेकिन अब उनके पास रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की खाली हुई जगह में अपनी स्थायी जगह बनाने का भरपूर मौका है।

भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मैच जीतकर श्रृंखला को 1-1 से बराबर कर दिया है। तीसरे मैच से पहले टीम के साथ यशस्वी जायसवाल, शिवम दुबे और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी भी जुड़ चुके हैं। सीरीज का तीसरा मुकाबला 10 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा।

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