Azamgarh news:बहते हुए आंसू के साथ संपन्न हुआ विदाई समारोह

रिपोर्ट:रोशन लाल

बिलरियागंज/आजमगढ़:केन्द्रीय विद्यालय के वरिष्ठ हिन्दी, इंग्लिश तथा देववाणी भाषाओं मे समान अधिकार रखने वाले, शिक्षकों, बच्चों, अभिभावकों तथा समाज मे एक विद्वान शिक्षक के रूप मे प्रतिष्ठित बाबू ब्रजेन्द्र प्रसाद राय जी अपने जीवन के बहुमूल्य 38 वर्षों को शिक्षादान के लिए समर्पित करते हुए सेवामुक्त होगये।सेकडों आखों ने उन्हे बहते हुए अशुओं के साथ अलविदा किया।उनका संक्षिप्त जीवन परिचय कुछ इस प्रकार है:-उनका आविर्भाव ऋषि श्रेष्ठ दुर्वासा की तपोभूमि दुर्वासा धाम के अत्यंत समीप ग्राम पूरब पट्टी मे माँ श्रीमती श्रीमती देवी पत्नी लालता प्रसाद राय की गोंद मे 01/07/1963 को हुआ। इनके पिता श्री लालता प्रसाद राय पुत्र श्री जगदंबा प्रसाद राय गाँव के मुखिया, सरपंच न्यायपंचायत भीमल पट्टी व साधन सहकारी समिति लिमिटेड पूरब पट्टी के संस्थापक एवं अध्यक्ष रहे।

इनका शैशवकाल व प्राथमिक शिक्षा प्राईमरी पाठशाला पूरबपट्टी मे हुई।
आप पढ़ने-लिखने मे बचपन से ही मेधावी एवं कुशाग्र रहे।कक्षा 6-8 तक इन्होंने जूनियर हाईस्कूल गहजी मे अध्ययन किया तदुपरांत कक्षा 9-12 तक की शिक्षा इन्होंने श्री गयादीन जायसवाल इण्टर कालेज खुरासों आजमगढ़ से 1978 तक
प्राप्त किया। स्नातक की शिक्षा इन्होने श्री गाँधी स्मारक महाविद्यालय बरदह आजमगढ़ से 1978-80 , परास्नातक 1980-82 एवं विषय निष्णात 1982-86 तक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तपोभूमि देवाधिदेव महादेव की अतीव पावन नगरी काशी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से प्राप्त की।शिक्षा स्नातक की उपाधि श्री गांधी स्मारक महा विद्यालय समोधपुर जौनपुर से 1984 मे प्राप्त की।
10 मार्च 1985 को गाँव के पास ही अवस्थित ग्राम बैरमपुर निवासी डाँ०राजेन्द्र राय की सुपुत्री कु०स्नेह लता राय के साथ,शादी के बंधन मे बध गये।इसी वर्ष 31/08/1985 को इन्होंने केन्द्रीय विद्यालय मिसामारी कैण्ट ,गुवाहाटी,असम मे शिक्षक का पदभार ग्रहण किया। यहाँ से 5.5 साल का कार्यकाल पूरा कर 18.02.1991मे कार्यमुक्त होकर 19.02.1991 से 31.10.1998 तक केन्द्रीय विद्यालय सिविल लाइन रायबरेली मे सेवारत रहे। 01.11.1998 से 08.04.२003 तक केन्द्रीय विद्यालय आजमगढ़ ,09.04.2003 से 08.09.2004 तक केन्द्रीय विद्यालय मऊ ,09.09.2004 से 31.12.2015 तक केन्द्रीय विद्यालय अमहट सुल्तानपुर और 01.01 2016 से 30.06.2023 तक केन्द्रीय विद्यालय आजमगढ़ मे सेवा कार्य किये।इस तरह शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, युवावस्था आदि जीवन की विभिन्न अवस्थाओं को पार करते हुए 30.06.2023 को 38 वर्ष के एक लम्बे सेवाकाल के सफल पूर्णत्व को पार करते हुये प्रबुद्धावस्था मे एक नई पारी खेलने के लिए नवजीवन के नए दायित्वों को सम्हालने के लिए तैयार हैं। हम सभी प्रभु से इनके सुन्दर स्वास्थ्य व प्रसन्नता से भरे हुए जीवन को प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।

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