देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा नदी में डुबकी 

मंदिरों में पहुंचकर की गई विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना  श्रद्धालुओं ने किया चावल, दाल सहित अन्य चीजों का दान 

 

रिपोर्ट अशरफ संजरी

भदोही। देवउठनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को जिले के घाटों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। हर- हर महादेव के जयकारों से पूरा घाट गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। साथ दान-पुण्य किया गया।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को देशभर में देवोत्थानी एकादशी, हरि प्रबोधनी एकादशी सहित अन्य नामों से जाना जाता है। इस पर्व के अवसर पर मंगलवार की भोर से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। सुबह होने के साथ ही हर-हर महादेव और मां गंगा की जयकारों से सभी घाट गूंज उठे। गंगा में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने आचमन कर चावल, दाल सहित अन्य चीजों का दान किया। शास्त्रों में वर्णित एवं मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री हरि विष्णु आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी वाले दिन क्षीर सागर में निद्रा के लिए जाते हैं। जहां वह चार मास विश्राम करते हैं। इन चार महीनों में हिंदू धर्म के अनुसार मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। इसके पश्चात कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी वाले दिन भगवान श्री हरि विष्णु अपनी निद्रा से जागते हैं। वहीं भदोही नगर सहित जिले भर की सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा विशेष पूजा अर्चना कर शंख ध्वनि द्वारा उन्हें जगाया जाता है। इसके साथ ही शालिग्राम एवं माता तुलसी की पूजा की गई। घरों में भी श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर व्रत भी रखा गया। बाजार में ईख, सिंघाड़ा व अमरुद आदि की दुकानें जगह-जगह सजी रही। पर्व को मनाने के लिए लोगों द्वारा इसकी खरीदारी की गई। घरों आदि को विद्युत झालरों से सजावट की गई। पटाखें भी खूब फोड़े गए।

Related Articles

Back to top button