देवरिय:कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद दान करने से मिलता है पापों से मुक्ति-आचार्य अजय शुक्ल कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 27 नवम्बर को:चित्र परिचय – आचार्य अजय शुक्ल

रिपोर्ट: भगवान उपाध्याय

देवरिया। कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान पुण्य करने से व्यक्ति द्वारा किए गए पापों से मुक्ति प्राप्त होता है, तथा उसका सम्पूर्ण जीवन सुखमय व्यतीत होता है। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल उर्फ जीउत बाबा ने कहा कि इस बार पंचाग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र स्नान 27 नवम्बर को होगा। यह स्नान कार्तिक मास शुक्ल पक्ष के पूर्णिमा के दिन किया जाता है। यह तिथि 26 नवम्बर रविवार को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर शुरू हो जाएगी।इसका समापन 27 नवम्बर सोमवार को दिन में 2 बजकर 45 मिनट पर होगा। उदया तिथि 27 नवम्बर को होने के कारण इस दिन ही स्नान, दान आदि करना श्रेयस्कर होगा।इसी दिन सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी जाती है। पवित्र नदी, सरोवर में स्नान करना आज के दिन बहुत ही उत्तम फल देने वाला होता है। इस दिन का दान कई गुना शुभ फल प्राप्त करने वाला होता है। इसी दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है जो रात्रि को मनाई जाती है, इस बार रात्रि में पूर्णिमा 26 नवम्बर को पड़ रही है, इसलिए देव दीपावली इसी दिन मनाना उचित होगा। भगवान भोलेनाथ ने इसी दिन महाअत्याचारी राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था, उसी के खुशी में सभी देवता भगवान शिव की नगरी काशी में आकर यह त्योहार मनाते हैं।काशी सहित पूरे देश में देव दीपावली का आयोजन इस अवसर पर किया जाता है।

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