जहानागंज नगर पंचायत की लापरवाही पर जनता का फूटा गुस्सा,महीनों से बंद पड़ी तिरंगा लाइटें, छठ पर्व से पहले जलाने की मांग तेज
Public anger erupts over Jahanganj Nagar Panchayat's negligence; tricolor lights have been out for months, demands for relighting them before Chhath festival intensify.

जहानागंज, आजमगढ़।नगर पंचायत जहानागंज बाजार क्षेत्र में फैली अंधकार की स्थिति ने लोगों में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। मुख्य मार्ग से लेकर सठियांव–धरवारा मार्ग तक लगी तिरंगा लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं, जबकि इन्हें सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए लाखों रुपये खर्च कर लगवाया गया था। यही नहीं, जगह-जगह लगाई गई छोटी हाई स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं, जिससे सुबह टहलने वाले, रात्रि में साइकिल सवार व पैदल यात्री अंधेरे में सफर करने को मजबूर हैं।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह लाइटें दशहरा मेले से पहले ही बंद हो गई थीं, अब दीपावली भी बीत चुकी, और छठ पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं — फिर भी नगर पंचायत प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। लोगों को उम्मीद थी कि दीपावली तक लाइटें जलेंगी, लेकिन अब सबकी नजर छठ पर्व पर टिकी है।स्थानीय नागरिकों भूपेंद्र सिंह, दीप रामाश्रय, महेंद्र, पप्पू, दलजीत, रामानंद, सकलु आदि ने कहा कि “सुरक्षा और सुंदरता के नाम पर नगर पंचायत ने लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन देखभाल शून्य है। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती, सभी कर्मचारी शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं।सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के पास और नगर पंचायत बॉर्डर पर लगी लाइटें भी लंबे समय से बंद हैं, जिससे रात के समय राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय और अध्यक्ष-अधिशासी अधिकारी को फोन द्वारा कई बार सूचना दी गई, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।जनता ने जनपद के उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है और कहा है कि यदि छठ पूजा से पहले नगर की सभी लाइटें नहीं जलाई गईं, तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे।लोगों की मांग स्पष्ट है कि छठ पूजा पर्व से पहले नगर पंचायत क्षेत्र की सभी तिरंगा और स्ट्रीट लाइटों को चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षा और सुविधा मिल सके।



