Azamgarh News: बाबा साहब ड्रॉक्टर भीम राव अंबेडकर जी की 135 वीं जयंती के उपलक्ष्य में निकली गई रैली

बाबा साहब ड्रॉक्टर भीम राव अंबेडकर जी की 135 वीं जयंती के उपलक्ष्य में निकली गई रैली

मिट्टूपुर/आजमगढ़।
14 अप्रैल दिन मंगलवार को सुबह 10 बजे भारत रत्न व भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 135 वीं जयंती के अवसर पर पवई थाना क्षेत्र के पहाड़पुर दशनावल में आजमगढ़ स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर अरविंद कुमार,रमाकांत,उमाकांत,छातपाल, बजरंगी, राम मूरत,गुड्डू वकील लाल बहादुर, काजू गौतम,साहब,राम सागर,नितेश ,समेत अन्य लोगो ने माल्यार्पण किया उसके बाद रथ, बाइक डीजे से पहाड़पुर, भरचकिया ,हंडिया,माल्देपुर, रामपुर, मिट्टुपुर बाजार,बलाई पुर,अम्मरपट्टी,समेत अन्य गांव के जुलूस व झांकी के साथ सैकड़ों लोगों द्वारा एक समूह में होकर मित्तुपुर बाजार मे भ्रमण के बाद मिट्टूपुर बाजार के बाजार के बाहर मोड पहुंचकर जल जलपान के साथ समापन हुआ। पुरे जुलुस मे युवा वर्ग भीमराव अम्बेडकर के जयकारा लगाते हुए नजर आये वही युवा वर्ग के साथ साथ काफ़ी संख्या महिलाओ ने भी हाथो मे बाबा भीम राव अम्बेडकर की हाथ मे फोटो लिए चलती हुई नजर आई। अरविंद पत्रकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के बारे में बताते हुए कहा कि
14 अप्रैल 1981 को मध्यप्रदेश के महू में रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई ने अपनी सबसे छोटी संतान को जन्म दिया, जिसका नाम था भिवा रामजी अंबेडकर बाबासाहेब के नाम से पहचाने जाने वाले अम्बेडकर अपने 14 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। डॉ. अंबेडकर अछूत माने जानी वाली महार जाति के थे। ऐसे में उन्हें बचपन से भेदभाव और समाजिक दुराव से गुजरना पड़ा।हरिप्रकाश मास्टर ने बताया कि1913 में अंबेडकर ने अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी से लॉ, इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में डिग्री प्राप्त की। उन्होंने भारत में लेबर पार्टी का गठन किया, आजादी के बाद कानून मंत्री बने। दो बार राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए बाबा साहेब संविधान समिति के अध्यक्ष रह�

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