Azamgarh News: वाराणसी डिपो की अनुबंधित बस में यात्रियों की फजीहत, पानी और शौच के लिए भी नहीं रोकी गई बस

वाराणसी डिपो की अनुबंधित बस में यात्रियों की फजीहत, पानी और शौच के लिए भी नहीं रोकी गई बस
वाराणसी/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के वाराणसी डिपो की अनुबंधित बस सेवा को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। आजमगढ़ से वाराणसी रूट पर चलने वाली बस संख्या UP 61 BT 1557 में सफर कर रहे यात्रियों ने चालक और परिचालक पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। यात्रियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बावजूद बस को लंबे समय तक कहीं भी नहीं रोका गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार फुलवरिया निवासी महेन्द्र पाठक अपने पैर के इलाज के लिए वाराणसी गए थे। सफर के दौरान जब उन्होंने शौच के लिए बस रोकने की बात कही तो चालक और परिचालक ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। इतना ही नहीं, बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी पानी पीने और शौच के लिए बस रोकने का अनुरोध किया, लेकिन इसके बावजूद बस नहीं रोकी गई।
यात्रियों के मुताबिक शाम करीब 5:30 बजे से 7:00 बजे तक बस किसी भी स्थान पर नहीं रुकी। भीषण गर्मी और उमस के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक परेशान होते रहे। लोगों का कहना है कि लंबे सफर में यात्रियों की मूलभूत जरूरतों को भी नजरअंदाज करना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है।
इस घटना के बाद यात्रियों में परिवहन विभाग और सरकार की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर प्रदेश सरकार जनता की सुविधा के लिए व्यवस्था कर रही है या जनता को परेशानी में डालने के लिए? अगर यात्रियों को पानी पीने और शौच जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी तो ऐसी व्यवस्थाओं का क्या फायदा?
यात्रियों ने मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित चालक और परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी यात्री को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखने वाली बात यह होगी कि परिवहन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और इन मनबढ़ कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होती है।



