Azamgarh News: अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जिला महिला चिकित्सालय में भावुक और प्रेरणादायी समारोह

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आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जिला महिला चिकित्सालय में भावुक और प्रेरणादायी समारोह

मानवता की सेवा ही हमारा धर्म” डॉ. विनय कुमार सिंह

जिला महिला चिकित्सालय आजमगढ़ में शुक्रवार, 22 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं भावनात्मक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आधुनिक नर्सिंग सेवा की जननी कही जाने वाली फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह के सौजन्य से सभी वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर्स, नर्सिंग ऑफिसर्स एवं स्टाफ नर्सों ने केक काटकर इस विशेष दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया।

समारोह के दौरान फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जीवन, त्याग, सेवा और मानवता के प्रति समर्पण को याद करते हुए एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी नर्सिंग कर्मियों ने संकल्प लिया कि वे “लेडी विद द लैम्प” के आदर्शों पर चलते हुए हर मरीज को समर्पण, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के साथ सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। शपथ में यह भी दोहराया गया कि मरीजों की गोपनीयता की रक्षा हर परिस्थिति में की जाएगी तथा किसी भी ऐसे कार्य से दूर रहेंगे जो मरीज के जीवन के लिए हानिकारक हो।

कार्यक्रम का संचालन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.डी. सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह ने अत्यंत भावुक संबोधन देते हुए कहा कि फ्लोरेन्स नाइटिंगेल केवल एक नाम नहीं बल्कि मानवता की सेवा का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के कठिन दौर में जब घायल सैनिकों की कराह से पूरा वातावरण व्यथित था, तब फ्लोरेन्स नाइटिंगेल हाथ में लैम्प लेकर अंधेरे में भी मरीजों की सेवा करती थीं। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया उन्हें “लेडी विद द लैम्प” के नाम से जानती है।

डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि आज का यह कैंडल शपथ समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि यह संकल्प है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, मरीजों की सेवा कभी बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला महिला चिकित्सालय आजमगढ़ लगातार सेवा, समर्पण और गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रहा है तथा शासन की मंशा के अनुरूप वैज्ञानिक और संवेदनशील चिकित्सा सेवाएं देने के लिए पूरी टीम तत्पर है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा जन्म केवल अपने लिए नहीं हुआ है, बल्कि मानवता की सेवा के लिए हुआ है। विज्ञान जहां तक अनुमति देता है और जहां तक हमारी चेतना साक्ष्य के साथ कार्य करती है, वहां तक मरीजों की सेवा करना ही हमारा कर्तव्य है। उन्होंने सभी नर्सिंग कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यदि पूरी टीम फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के आदर्शों पर कार्य करती रही, तो यह चिकित्सालय न केवल प्रदेश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल बनेगा।

कार्यक्रम में डॉ. ज्योत्सना द्विवेदी, छाया राय, विमला कलवार, स्मिता राय सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर्स, नर्सिंग ऑफिसर्स, स्टाफ नर्स एवं चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। धन्यवाद ज्ञापन नर्सिंग ऑफिसर शकुन्ता यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया।

समारोह के अंत में सामूहिक फोटोग्राफी कर इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पल को यादगार बनाया गया। यह तस्वीर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कक्ष में स्मृति स्वरूप स्थापित की गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी सेवा, समर्पण और मानवता के इस संदेश से प्रेरणा ले सकें।

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