Azamgarh news :फूड प्वाइजनिंग के दृष्टिगत रेहड़ी, पटरी पर लगने वाले खाद्य दुकानों पर अभियान चलाकर करें जागरूक- जिलाधिकारी
फूड प्वाइजनिंग के दृष्टिगत रेहड़ी, पटरी पर लगने वाले खाद्य दुकानों पर अभियान चलाकर करें जागरूक- जिलाधिकारी

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी द्वारा विभाग से सम्बन्धित मा0 न्यायालयों में लम्बित वादों के निस्तारण में तेजी लाने निर्देश दिये गये। उन्होने विगत दीपावली पर्व के अवसर पर कृत छापेमार कार्यवाहियों के सम्बन्ध में मिलावट करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को अग्रित दीपावली पर्व के पूर्व ही सम्बन्धित मा0 न्यायालयों द्वारा दण्डित कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत खाद्य पदार्थाे में मिलावट रोकने हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सतत् रूप अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमानुसार निरीक्षण करने एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। विशेष रूप से ठेले-खुमचे पर तैयार खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण व ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों के रख-रखाव, खाद्य पदार्थों के निर्माण में सावधानियां रखने हेतु जागरूक करने के निर्देश गये। जिलाधिकारी द्वारा लाइसेंस व पंजीकरण के वांछित लक्ष्य प्राप्त करने पर संतोष व्यक्त किया गया।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर भी पका हुआ भोजन परोसा जा रहा है, जैसे- स्कूल, आंगनबाडी केन्द्र, अनाथालय, वृद्धा आश्रम व जननी सुरक्षा के अन्तर्गत आच्छादित सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं कैन्टिन में विशेष सतर्कता रखते हुए नियमित जांच की जाए एवं उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक व प्रशिक्षित किया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष बल देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि अर्न्तविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए सभी विभागों के हित को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करें एवं खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित करते हुए प्रवर्तन कार्यवाही कर सुधार लाये।
जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक आजमगढ़ को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में सरकारी अस्पतालों के आस-पास संचालित औषधि प्रतिष्ठानों की जांच की जाए तथा सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देशित किया गया कि नकली दवाओं के विक्रय पर रोक लगाने हेतु नियमित रूप से औषधि प्रतिष्ठानों के सघन निरीक्षण किये जाए तथा नियमानुसार प्रवर्तन कार्यवाही की जाए।
अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 703 नमूनें संग्रहित किये गये, जिसमें जांचे गये कुल नमूनों में गुणवत्तापरक नमूना संकलन के कारण 62 प्रतिशत नमूने फेल पाये गये। अभिहित अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिलावट करने वाले 338 खाद्य कारोबारकर्ताओं के उपर रू0 6146000 का अर्थदण्ड अधिरोपित कराया तथा न्यायिक न्यायालय में 03 खाद्य कारोबारकर्ता को कारावास तथा रू0 11,000 से दण्डित करवाया, जिस पर समस्त सदस्यों ने संतोष व्यक्त किया। अभिहित अधिकारी ने अगले बिन्दु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी योजना ईट राइट इण्डिया इनिशिएटिव के लक्ष्य को प्राप्त कर 89 कारोबारियों को 03 से 05 स्टार हाईजीन रेटिंग प्राप्त कराई गई है, जिसकी आडिट बाहरी आडिट एजेन्सीयों द्वारा किया गया था। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग द्वारा कुल 18 हाईजिन रेटिंग प्रमाणिकरण कराये गये प्रतिष्ठानों के सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
औषधि निरीक्षक श्रीमती सीमा वर्मा ने विभाग द्वारा कृत कार्यवाही से बैठक में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को अवगत कराया।
उक्त बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य), उपायुक्त राज्य कर जी0एस0टी0, मण्डी निरीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, निरीक्षक बाट व माप विभाग, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी तथा खाद्य व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि एवं औषधि संघ के प्रतिनिधि के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण रजनीश कुमार, गोविन्द यादव, संजय कुमार तिवारी, सुचित प्रसाद, लालमणि यादव, शीत कुमार सिंह, अमर नाथ, श्रीमती बेबी सोनम, राजीव कुमार सिंह उपस्थित रहें।



