Azamgarh News: भीषण गर्मी में बिजली विभाग का ‘सौतेला व्यवहार’, रात भर जागने को मजबूर ग्रामीण

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
भीषण गर्मी में बिजली विभाग का ‘सौतेला व्यवहार’, रात भर जागने को मजबूर ग्रामीण
आजमगढ़।
एक तरफ आसमान से बरसती आग और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। आजमगढ़ जनपद के विद्युत उपकेंद्र पटवध कौतुक से सप्लाई पाने वाले दर्जनों गांवों में बिजली कटौती इस कदर बढ़ गई है कि लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में तो किसी तरह लोग गर्मी झेल लेते हैं, लेकिन रात की कटौती ने हालात बद से बदतर कर दिए हैं। स्थिति यह है कि पूरी रात में केवल दो से ढाई घंटे ही बिजली मिल पा रही है। भीषण गर्मी और उमस में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। जिन घरों में इनवर्टर लगे हैं, वहां भी डेढ़-दो घंटे बाद बैटरी जवाब दे दे रही है, जिसके बाद लोग पूरी रात हाथ से पंखा झलने और जागकर रात काटने को मजबूर हैं।
चांदपुर, मानपुर, पटवध कौतुक, पटवध सुधाकर, पटखौली, फुलवरिया, हरखपुर, तोहफापुर, श्रीनगर (सियरहां), सेठारी, गोसडी और बसिला समेत कई गांवों के लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जहां 20 से 22 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
क्षेत्रीय लोगों अशोक राय, दिनेश मौर्य, कमलेश राय, अरविंद पाठक,ओमकरन राय, नूर आलम, बृजभान यादव, संतोष पासवान, सूरज राय समेत तमाम ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “दिनभर मजदूरी और कामधंधा करने के बाद इंसान रात में सुकून की नींद चाहता है, लेकिन बिजली कटौती ने वह भी छीन लिया है। आखिर इस भीषण गर्मी में लोग कैसे जिएं?”
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से शिकायत करने पर केवल यही जवाब मिलता है कि “कटौती बनारस से कोडिंग के अनुसार हो रही है, इसमें हम लोग कुछ नहीं कर सकते।” विभागीय अधिकारियों के इस जवाब से लोगों में और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्र की जनता ने बिजली विभाग और प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने तथा रात की कटौती बंद करने की मांग की है, ताकि इस भीषण गर्मी में लोगों को कुछ राहत मिल सके।



