Azamgarh News: सिद्ध पीठ मां पूर्वी देवी से निकलेगी भव्य शोभायात्रा, मां विंध्यवासिनी धाम में होगा “मां से मां का मिलन”

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
सिद्ध पीठ मां पूर्वी देवी से निकलेगी भव्य शोभायात्रा, मां विंध्यवासिनी धाम में होगा “मां से मां का मिलन”
आजमगढ़ जनपद के सदर तहसील अंतर्गत स्थित चंदौका आहोपट्टी गांव का सिद्ध पीठ मां पूर्वी देवी धाम एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत केंद्र बनने जा रहा है। सैकड़ों वर्षों से पूर्वजों द्वारा पूजित इस प्राचीन शक्ति स्थल को अब “पूर्वी देवी सेवा ट्रस्ट” के रूप में संगठित कर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को नई दिशा दी जा रही है। गांव के महंत, ट्रस्ट पदाधिकारियों और ग्रामवासियों के सहयोग से 25 मई 2026 को एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्तिमय वातावरण व्याप्त है।
बताया गया कि यह पावन शोभायात्रा 25 मई की सुबह 6:30 बजे सिद्ध पीठ मां पूर्वी देवी धाम से प्रारंभ होगी। यात्रा बाबा पांडेश्वर नाथ मंदिर से होते हुए देवरही बाबा, डीहबाबा, दक्षिण मुखी काली जी मुख्य चौक, बड़ा गणेश मंदिर, बड़ादेव हनुमान जी एवं दुर्गा जी मंदिर होते हुए बाबा भंवरनाथ और चंद्रमा ऋषि स्थल पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा शीतला माता निजामाबाद एवं शीतला धाम चौकिया से गुजरते हुए मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल मिर्जापुर पहुंचेगी, जहां “मां से मां का मिलन” होगा। श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यता है कि जब भक्त भाव और श्रद्धा के साथ माता के चरणों में उपस्थित होते हैं तो मां स्वयं अपने भक्तों का कल्याण करती हैं। इसी विश्वास के साथ हजारों श्रद्धालु इस शोभायात्रा में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
इसके उपरांत 27 मई दिन बुधवार को सुबह 10:00 बजे से हरि इच्छा तक विशाल बृहद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट एवं ग्रामवासियों द्वारा जनपद के समस्त श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मां का दर्शन-पूजन कर भव्य भंडारे में प्रसाद ग्रहण करें और पुण्य के भागी बनें।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के पुजारी पंडित वेद प्रकाश पांडे, अनुज कुमार उपाध्याय, गुड्डू सिंह, मनोज कुमार उपाध्याय, राम सिंगार उपाध्याय, ऋतिक उपाध्याय, अमरनाथ उपाध्याय, मान बहादुर उपाध्याय, संजय उपाध्याय, रजनीश उपाध्याय, गिरीश उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, सर्वेश उपाध्याय सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहेगा।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि मां पूर्वी देवी धाम केवल एक मंदिर नहीं बल्कि पीढ़ियों की आस्था, विश्वास और संस्कृति का प्रतीक है। यहां की मिट्टी में श्रद्धा बसती है और मां के दरबार में आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है और भक्त मन की शांति और आशीर्वाद लेकर लौटता है।



