आजमगढ़ में पांच लाख दहेज मांग को लेकर विवाहिता की हत्या,पुलिस की घेराबंदी में पकड़ी गई फरार सास
थाना प्रभारी भावेश चौबे की टीम का एक्शन, दहेज हत्या की आरोपी सास गिरफ्

सरायमीर (आजमगढ़), 19 जून 2026। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के चर्चित मामले में सरायमीर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रही आरोपी सास को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करते हुए जेल भेज दिया। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में सरायमीर पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख की चर्चा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जून 2026 को वादी द्वारा थाना सरायमीर में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसकी पुत्री का विवाह वर्ष 2025 में राजापुर सिकरौर निवासी मोहम्मद सैफ के साथ हुआ था। विवाह के बाद पति, सास, ननद एवं अन्य परिजनों द्वारा अतिरिक्त ₹5 लाख दहेज की मांग को लेकर लगातार उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर 9 जून 2026 को विवाहिता की हत्या कर दी गई।
पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर थाना सरायमीर में मुकदमा अपराध संख्या 155/2026, धारा 85/61(2)/80(2) बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत पति मोहम्मद सैफ, सास शबा, ननद सोमायला, हदीसून तथा तनवीर के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था।
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थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी। इसी क्रम में 19 जून 2026 को उपनिरीक्षक प्रशान्त सिंह ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर गढ़वा मोड़ क्षेत्र में दबिश देकर वांछित अभियुक्ता शबा पत्नी मोहम्मद जावेद, निवासी राजापुर सिकरौर, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार चौबे ने सरायमीर थाने का कार्यभार संभाला है, तब से अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई देखने को मिल रही है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में शेष वांछित आरोपियों की तलाश जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रशान्त सिंह, कांस्टेबल विजय प्रसाद, आरक्षी शैलेश कुमार तथा महिला आरक्षी शहनाज खातून शामिल रहीं, जिनकी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।



