बेगूसराय पुलिस ने पहले कुख्यात सोनू-मोनू को पकड़ा, फिर जबरदस्ती कमर में खोंस दी पिस्तौल? VIDEO वायरल
Did Begusarai police first arrest the notorious Sonu and Monu, then forcefully tuck a pistol into their waistbands? Video goes viral

बिहार के बेगूसराय जिले में दो कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनकी कमर में जबरदस्ती पिस्तौल खोंस दी। पुलिस की इस करतूत का वीडियो किसी ने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हिंद एकता टाइम्स इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि वीडियो को संवाद तरीके से पेश किया गया है। गिरफ्तार सोनू-मोनू बलिया थाना क्षेत्र के बरियापरपुर के रहने वाले हैं और दोनों सगे भाई हैं। उनका नाम बेगूसराय जिले के टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल है।
अनुमंडल पुलिस (डीएसपी) सुबोध कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि गिरफ्तार सोनू विनोद सिंह के पुत्र सोनू एवं मोनू अपने घर पर मौजूद हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस रॉबिन कुमार दास एवं गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर रेड की गई। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी पकड़े गए, लेकिन सील ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान मोनू सिंह ने कमर से पिस्तौल निकालने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कब्जे में ले लिया। देसी कट्टा और गोलियां बरामद कीं।
तलाशी के दौरान मोनू सिंह के पास से एक लोडेड देशी कट्टा, चार गोलियां, एक खुखरी तथा 3000 रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं सोनू सिंह के पास से पांच गोलियां और एक चाकू बरामद किया गया। डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों भाइयों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।
दोनों भाइयों पर गंभीर केस
साल 2012 से अब तक इनके खिलाफ बलिया थाने में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में एक दर्जन मामले दर्ज हैं। हाल ही में दोनों पर गांव में जांच करने का भी आरोप है।
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वायरल वीडियो पर क्या बोले डीएसपी?
सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी के दौरान वायरल हो रहे वीडियो को लेकर डीएसपी ने कहा कि वीडियो को तथ्यों तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर किसी प्रकार का फर्जी कार्रवाई का आरोप निराधार है। गिरफ्तारी के समय मोनू सिंह हथियार निकालने का प्रयास कर रहा था। उसे पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद अपने कब्जे में लिया।डीएसपी ने कहा कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हथियार रखने की बात स्वीकार की है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस किसी निर्दोष को फंसाती नहीं है और ना ही किसी अपराधी को बचाती है। दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।



