Azamgarh News:ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, अवैध अस्पताल सील; संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर
आजमगढ़ बलरामपुर पटवध से बबलू राय
ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, अवैध अस्पताल सील; संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर
आजमगढ जनपद के बिलरियागंज कस्बे के महराजगंज रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित पाया गया तथा वहां कोई वैध एवं योग्य चिकित्सक भी नहीं मिला। मामले में अस्पताल संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, शाहडीह निवासी कौशल्या देवी पत्नी मनीष साहनी को 12 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर बिलरियागंज स्थित राजेश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि यहां विनोद मौर्य द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिससे एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची की कुछ समय बाद मौत हो गई, जबकि रात में प्रसूता की तबीयत बिगड़ने पर उसे आजमगढ़ के हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अवैध अस्पताल संचालन का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर 13 जुलाई को उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार तथा सीएचसी बिलरियागंज के अधीक्षक डॉ. सतीश चन्द की संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में कोई वैध चिकित्सक मौजूद नहीं मिला और न ही अस्पताल का पंजीकरण या अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जा सके। इसके बाद अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि अस्पताल संचालक एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के लिए कोतवाली बिलरियागंज में तहरीर दी गई है। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सकों के संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि किसी भी अस्पताल में इलाज या ऑपरेशन कराने से पहले उसके पंजीकरण और चिकित्सकों की योग्यता की जानकारी अवश्य कर लें। यदि कहीं अवैध अस्पताल संचालित होने की सूचना मिले तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग या निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।



