Azamgarh news :मानसून के दौरान डूबने की घटनाओं से बचाव हेतु जिला प्रशासन की जनपदवासियों से अपील, जलाशयों के समीप बरतें विशेष सतर्कता

मानसून के दौरान डूबने की घटनाओं से बचाव हेतु जिला प्रशासन की जनपदवासियों से अपील, जलाशयों के समीप बरतें विशेष सतर्कता

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गंभीर सिंह ने बताया कि मानसून के दौरान डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि मानसून के आगमन के साथ ही जनपद आजमगढ़ में नदियों, तालाबों, पोखरों, झीलों, नहरों एवं अन्य जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न जनपदों में डूबने की अनेक दुखद घटनाएँ सामने आई हैं। अधिकांश दुर्घटनाएँ असावधानी, जलधाराओं की गहराई एवं तीव्र बहाव का सही अनुमान न लगा पाने तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं।

जिलाधिकारी, आजमगढ़ के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनपदवासियों से अपील की जाती है कि वे स्वयं तथा अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा जलाशयों के समीप विशेष सतर्कता बरतें। थोड़ी-सी सावधानी किसी अमूल्य जीवन को बचा सकती है।

जनसामान्य हेतु आवश्यक सावधानियाँ

नदी, तालाब, पोखर, नहर, बांध एवं अन्य जलाशयों में अनावश्यक स्नान अथवा गहरे पानी में जाने से बचें।

तेज बहाव, बारिश अथवा बाढ़ की स्थिति में जलाशयों के किनारे जाने से परहेज करें।

बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं को जलाशयों के निकट अकेले न जाने दें।

नाव में यात्रा करते समय प्रत्येक व्यक्ति लाइफ जैकेट अवश्य पहने।

नाविक निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव में न बैठाएँ तथा सुरक्षा उपकरण साथ रखें।

नशे की अवस्था में किसी भी प्रकार की जल गतिविधि न करें।

सेल्फी लेने, वीडियो बनाने या स्टंट करने के लिए नदी अथवा तालाब के किनारे न जाएँ।

किसी नए घाट या जलाशय में उतरने से पहले उसकी गहराई एवं बहाव की जानकारी अवश्य लें।

खराब मौसम, तेज हवा एवं बिजली गिरने की संभावना होने पर जलाशयों से तत्काल दूर हो जाएँ।

मोबाइल फोन में दामिनी एवं सचेत ऐप डाउनलोड कर मौसम एवं आपदा संबंधी अलर्ट प्राप्त करें।

यदि कोई व्यक्ति डूब रहा हो तो क्या करें

घबराएँ नहीं और तुरंत स्थानीय लोगों को सहायता के लिए बुलाएँ।

तत्काल पुलिस, आपदा राहत दल, 112 अथवा अन्य आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।

बिना प्रशिक्षण के सीधे गहरे पानी में कूदकर बचाव का प्रयास न करें।

रस्सी, बाँस, लाइफ बुआय अथवा अन्य सुरक्षित साधनों का उपयोग कर सहायता पहुँचाने का प्रयास करें।

बचाए गए व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएँ।

नाव संचालकों के लिए विशेष निर्देश

नाव का नियमित निरीक्षण एवं सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट, लाइफ बुआय, प्राथमिक उपचार किट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री रखें।

तेज बहाव, खराब मौसम एवं रात्रि के समय अनावश्यक नाव संचालन से बचें।

सभी नाविक अपने वैध लाइसेंस एवं पहचान पत्र साथ रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें।

जिला प्रशासन जनपदवासियों से अपील करता है कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। आपकी सजगता न केवल आपकी, बल्कि आपके परिवार एवं समाज के अन्य लोगों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दें।

आपदा के समय घबराएँ नहीं, संयम से कार्य करें। सहयोग, सतर्कता एवं समन्वय बनाए रखें।

“सहज आजमगढ़, सुरक्षित आजमगढ़।”

किसी भी आपदा की स्थिति में आपदा नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9454417172, दूरभाष नंबर 05462-297551, 05462-297558, 05462-297559 तथा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करें।

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