Palamu News : कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहे, जरूरत पड़ी तो मुख्यालय स्तर पर भी होगी पहल :उपायुक्त
Palamu News: No file should remain pending unnecessarily, if needed, initiative will be taken at the headquarters level also: Deputy Commissioner

मधुलता पाण्डेय विशेष संवाददाता
पलामू: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सादात अनवर, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे। कई अंचलाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सरकारी परियोजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्धता की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से प्रत्येक प्रस्ताव की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में मुख्यालय स्तर पर समन्वय या हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी तो जिला प्रशासन स्वयं पहल करेगा, लेकिन विकास कार्यों में विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समीक्षा के क्रम में न्यायालय कर्मियों के आवास निर्माण, साइबर थाना की स्थापना, पांकी क्षेत्र में पावर ग्रिड निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने से जुड़े मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के माध्यम से सभी लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के अभाव में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी योजना या परियोजना का कार्य किसी अन्य विभाग के स्तर पर अटका हुआ है तो संबंधित अधिकारी आपसी संवाद स्थापित कर उसका तत्काल समाधान निकालें। उन्होंने कई मामलों में बैठक के दौरान ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।उपायुक्त श्री शेखावत ने सभी विभागों को विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यों के क्रियान्वयन में गति लाने का निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्य संस्कृति के माध्यम से ही आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।



