सत्ता नहीं, जरूरतमंदों की आवाज बनना है मेरा उद्देश्य : केएन त्रिपाठी केएन त्रिपाठी
जरूरतमंदों की आवाज बनना ही जीवन का उद्देश्य : केएन त्रिपाठी
पलामू। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने गुरुवार को अपना 55वां जन्मदिन सादगी और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने मेदिनीनगर के रेड्मा स्थित अपने आवासीय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित रखने के बजाय समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को याद करने का अवसर भी बनाना चाहिए।
रुद्राक्ष का पौधा लगाने के बाद पूर्व मंत्री ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन के उद्देश्य को लेकर कहा कि उनका जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के हक और अधिकार के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा छोड़कर राजनीति में आने के पीछे उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि वंचित, गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनना था।
वंचितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प: पूर्व मंत्री
केएन त्रिपाठी ने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल पद और प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं है। उनका प्रयास हमेशा उन लोगों की समस्याओं को सामने लाना रहा है, जो अपनी बात शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचा पाते। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के अधिकारों के लिए वे आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना है। जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यवसायी और अन्य जरूरतमंद वर्गों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ऑनलाइन लेन-देन पर टैक्स को लेकर केंद्र पर निशाना
पूर्व मंत्री ने ऑनलाइन लेन-देन पर टैक्स लगाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर इस प्रकार का अतिरिक्त भार उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लेन-देन आज आम लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। छोटे व्यापारी, युवा, नौकरीपेशा लोग और आम उपभोक्ता बड़ी संख्या में डिजिटल माध्यम से भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन लेन-देन पर टैक्स का प्रभाव सीधे आम जनता और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो पलामू से लेकर दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा।
पंचायत परामर्श यात्रा में भी मुद्दा उठाने की बात
केएन त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्तावित पंचायत परामर्श यात्रा के दौरान भी ऑनलाइन लेन-देन पर टैक्स सहित आम जनता से जुड़े आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर तक जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए किसी भी आर्थिक निर्णय से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए।
सादगी के साथ मनाया जन्मदिन:
पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी के जन्मदिन के अवसर पर समर्थकों, शुभचिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कई व्यवसायी और कई राजनीतिक पार्टी के नेता गण ने उन्हें शॉल आदि देकर सम्मानित किया।



