जौनपुर में थानाध्यक्ष निलंबित, वसूली और लूट कांड में खाकी पर शिकंजा, दो निलंबित सिपाही गिरफ्तार
दो नामजद आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर, जांच में सामने आए अन्य पुलिसकर्मियों पर भी जल्द होगी कार्रवाई

ब्यूरो प्रमुख जौनपुर
जौनपुर। पुलिसकर्मियों द्वारा कथित जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में जौनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी की त्वरित जांच के बाद दो निलंबित आरक्षियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नामजद आरोपियों ने पुलिस दबिश के दबाव में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों मामलों में अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, थाना जलालपुर में दर्ज मुकदमे में पीड़ित से मारपीट, धमकी देकर करीब 2.15 लाख रुपये यूपीआई और एटीएम के जरिए लेने का आरोप है। वहीं सुरेरी थाने में दर्ज दूसरे मुकदमे में सादे कपड़ों में खुद को पुलिसकर्मी बताकर करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेरी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को 18 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की।
एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर कथित रूप से संलिप्त पुलिसकर्मियों की पहचान कर मनीष पटेल, निलंबित आरक्षी सत्येन्द्र कुमार गौड़ और निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं संकीत सिंह और विकास ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।पुलिस के मुताबिक, जांच में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एसआईटी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



