यूपी MLC चुनाव: सपा ने वाराणसी स्नातक और शिक्षक सीट पर फिर जताया भरोसा, आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव को बनाया प्रत्याशी
UP MLC Elections: SP reaffirms confidence in Varanasi Graduate and Teacher seats, nominates Ashutosh Sinha and Lal Bihari Yadav as candidates
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) ने वाराणसी खंड की स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीटों के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने दोनों सीटों पर मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव पर दोबारा भरोसा जताया है।
2020 में दोनों सीटों पर सपा ने दर्ज की थी जीत
दिसंबर 2020 में हुए वाराणसी खंड के शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की थी। वहीं, वाराणसी खंड की स्नातक एमएलसी सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा निर्वाचित हुए थे।अब पार्टी ने 2026 के चुनाव में भी दोनों नेताओं को अपना प्रत्याशी बनाया है। सपा के इस फैसले को 2020 में मिली जीत के बाद अपने मौजूदा प्रतिनिधियों पर भरोसा बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्वांचल की राजनीति में अहम मानी जाती हैं दोनों सीटें
वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में बड़ी चुनावी सफलता मिली थी। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच 2020 के विधान परिषद चुनाव में वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा उम्मीदवारों की जीत पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रही थी।इसी पृष्ठभूमि में सपा ने एक बार फिर अपने दोनों मौजूदा एमएलसी को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर, इन दोनों सीटों पर भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार है।
आशुतोष सिन्हा बोले- जनता की आवाज सदन तक पहुंचाएंगे
दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर फिर भरोसा जताकर जनता की सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि वह लोगों का विश्वास जीतकर उनकी आवाज को विधान परिषद तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे।आशुतोष सिन्हा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नौजवानों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों और समाज के अन्य महत्वपूर्ण वर्गों में मौजूदा व्यवस्था को लेकर निराशा है। उन्होंने दावा किया कि इन वर्गों की समस्याओं को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा।
चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियां भी तेज
सपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बीच भाजपा ने भी एमएलसी चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की बैठकों में मतदाताओं तक पहुंच बनाने और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा के मौजूदा एमएलसी को दोबारा मैदान में उतारे जाने और भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ इन सीटों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी।



