Azamgarh News:बैठक में बिना बताए अनुपस्थित रहने पर अपर मुख्य अधिकारी व पीओ डूडा का वेतन रोकने का निर्देश -डीएम*

*आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर डीएम ने की समीक्षा*

*शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए की जायेगी कठोर कार्रवाई- जिलाधिकारी*

*शिकायतकर्ता से स्वयं संवाद कर संतुष्टिपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी- डीएम रविन्द्र कुमार*

असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों में अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर करें समस्या का समाधान*

*कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न जाए, निर्धारित समय-सीमा में हो निस्तारण*

आजमगढ़, 26 अक्टूबर 2026/

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार एवं तहसीलवार शिकायतों की स्थिति, निस्तारण की गुणवत्ता तथा प्राप्त फीडबैक की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा औपचारिकता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बिना बताए अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका त्रिपाठी एवं पीओ डूडा डॉ महेंद्र प्रसाद का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने विभागवार सर्वाधिक शिकायतों वाले टॉप-5 विभागों-राजस्व विभाग,विद्युत विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग तथा खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए अपने अधीनस्थ जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबंधित ग्रामों में भेजकर मौके पर जांच कराएं तथा नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए। इसी प्रकार तहसीलवार सर्वाधिक शिकायतों वाले सगड़ी, फूलपुर, सदर, बुढनपुर एवं लालगंज तहसीलों की भी समीक्षा कर जिलाधिकारी ने संबंधित नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे संबंधित ग्रामों में स्वयं जाकर प्रकरणों की समीक्षा करें तथा शिकायतों का नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान अधिक संख्या में असंतुष्ट फीडबैक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक्सईएन विद्युत को निर्देशित किया कि जेईवार रिपोर्ट प्राप्त कर प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करें, शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराएं तथा इसका प्रमाण पत्र उपलब्ध करायें कि संबंधित प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार समाधान करा दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत संबंधी शिकायतों में लापरवाही के कारण यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतकर्ताओं से स्वयं संपर्क कर शिकायत के संबंध में फीडबैक प्राप्त करें। विशेष प्रकरणों में अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं और शिकायतकर्ता से वार्ता कर वास्तविक समस्या को समझते हुए उसका समाधान सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन ग्रामों से सर्वाधिक शिकायतें अथवा असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं पहुंचकर शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि समस्या के मूल कारण की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि एक ही प्रकार की शिकायतें बार-बार पोर्टल पर प्राप्त न हों।

जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की उच्च प्राथमिकता वाला पोर्टल है। अधिकारी स्वयं प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) नरेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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