हरियाणा सरकार ने दिल्ली को मिलने वाले यमुना नदी के पानी में कटौती की है : आतिशी

Haryana government has cut water from Yamuna river to Delhi: Atish

नई दिल्ली, 28 मई : भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। यमुना नदी का जलस्तर सामान्य से काफी कम है। दिल्ली सरकार ने इस स्थिति के लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराया है।

 

 

 

 

दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि कई इलाकों में अब पानी की सप्लाई दो बार की जगह केवल एक बार ही की जाएगी। यह जानकारी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने मंगलवार को दी।

 

 

 

 

 

उन्होंने बताया कि घटते जलस्तर के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। आतिशी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली को मिलने वाले यमुना नदी के पानी में कटौती की है। दिल्ली के वजीराबाद में एक मई को यमुना का जल स्तर 674.5 फीट था। यह न्यूनतम स्तर पर 672 फीट तक चला जाता है। यहां 8 मई को जलस्तर 672 फीट था, 20 मई को दिल्ली में यमुना के पानी का स्तर 671 फीट पर था। यह 28 मई को 669.8 फीट पर रह गया है।

 

 

 

 

आतिशी का कहना है कि यह शायद पहली बार है जब दिल्ली के वजीराबाद में यमुना का जलस्तर इतना कम हुआ है। दिल्ली, पानी की सप्लाई के लिए यमुना नदी पर निर्भर है। यमुना में कितना पानी आता है, यह हरियाणा पर निर्भर करता है कि वह यमुना में कितना पानी छोड़ते हैं। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार, जब से मई का महीना शुरू हुआ है, हरियाणा ने यमुना में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। दिल्ली में 1 मई से लगातार यमुना में जलस्तर गिर रहा है।

 

 

 

 

दिल्ली सरकार का कहना है कि जब हरियाणा दिल्ली के लिए पर्याप्त पानी नहीं छोड़ता है तो दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की कमी हो जाती है। इसका असर दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पर पड़ता है। यही कारण है कि फिलहाल दिल्ली के कई इलाकों में पानी की समस्या बनी हुई है।

 

 

 

 

आतिशी के मुताबिक पानी की समस्या से निपटने के लिए जहां कहीं बोरवेल की सुविधा है, वहां 6 घंटे की बजाय अब 14-14 घंटे बोरवेल चलाकर पानी की आपूर्ति की जा रही है।

 

 

 

 

इसके अलावा वॉटर टैंकर की संख्या भी कई इलाकों में बढ़ाई गई है। पानी की कमी के कारण सरकार ने निर्णय लिया है कि दिल्ली के कई इलाकों में अब दिन में केवल एक बार पानी की सप्लाई होगी। जिन इलाकों में पानी दो बार आता है, वहां पानी की सप्लाई केवल एक बार की जाएगी। शेष पानी को उन इलाकों में भेजा जाएगा, जहां फिलहाल पानी की किल्लत है।

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