अमृत सरोवर में लाखों रुपए हुए खर्च , लेकिन सरोवर में एक बूंद पानी तक नहीं।

जिला संवाददाता, विनय मिश्र ,
देवरिया ।देवरिया जनपद में स्थित लार ब्लाक क्षेत्र के धनगड़ा गांव में बने अमृत सरोवर में एक बूंद पानी नहीं है। अमृत सरोवर में लाखों रुपये खर्च हुआ परन्तु इस तपती हुई
भीषण गर्मी में एक बून्द पानी तक नहीं है। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है,लू और गरम हवाओं के थपेड़ों से गला सूख रहा है। अपना गला तर करने के लिए हम पानी का सहारा ले
रहे हैं, वही धनगड़ा गांव में बना अमृतसरोवर सूखा होने के कारण पशु , पक्षियों को पीने के लिए एक बून्द पानी भी नहीं मिल रहा है । तालाब में पानी भरने के जिम्मेदार लोग
इस पर ध्यान नही दे रहे है। लार विकास खंड क्षेत्र में जल संचयन व पशु पक्षियों को पानी पीने के लिए करोडो रुपये खर्च कर कई गांवों में अमृत सरोवर तालाब मनरेगा योजना
के अंतर्गत बनाया गया है। जिसमे से कई मॉडल तालाब बनाए गए है लेकिन स्थिति यह है कि सम्बंधित कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के चलते अधिकांश
तालाबो में पानी ही नहीं है। तालाबों के सुंदीकरण पर भी अच्छा धन खर्च किया गया है। आजादी के अमृत महोत्सव पर क्षेत्र में कई गांवों के तालाबो को वर्ष 2022-23 में
अमृतसरोवर के लिए चयनित किया गया। जिसमे क्षेत्र पंचायत व और ग्राम पंचायत के मनरेगा योजना के तहत बनाने का प्रवधान है। जिस पर लगभग चालीस लाख रुपये
तक खर्च हुआ है। सरकार की मंशा के अनुरूप तालाब के चारो तरफ इंटरलाकिंग , बैठने की व्यवस्था , हरियाली के लिए चारो तरफ पेड़ , पानी भरने के लिए समर्सेबल आदि
की व्यवस्था है लेकिन आज तक क्षेत्र के कई गांवों में मनरेगा योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे अमृतसरोवर का जीर्णोद्धार नही हो सका है। ग्राम पंचायतों में बने तालाबो पानी भरवाने
की व्यवस्था किसको दी गई है , यह किसी को पता नही है। इसको लेकर ग्राम प्रधान फिरोज उर्फ नेपाली से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण भूमि तीन बीघा के आसपास है
जिसमे क्षेत्र पंचायत से 40×40 मीटर का अमृतसरोवर बन रहा है इसके पूर्व में जो कार्य हुआ है उसका भुगतान लगभग सात लाख रुपए हो चुका है।



