कर्नाटक के तुमकुरु में 'पीएम जन औषधि परियोजना' लोगों के लिए साबित हुई वरदान

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तुमकुरु, 4 मार्च (आईएएनएस)। ‘प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना’ तुमकुरु में रहने वाले मिडिल क्लास और निम्न स्तर के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। जन औषधि योजना से लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां मिलती हैं। इस योजना ने उनके स्वास्थ्य सेवा के वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। लोग अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।

जन औषधि केंद्र तुमकुरु जिले के सभी 11 तालुका में उपलब्ध है, जिसमें जिला केंद्र भी शामिल है, और ग्रामीण क्षेत्र भी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

आईएएनएस से बात करते हुए लाभार्थियों में से एक भीमेश ने कहा कि ‘जन औषधि योजना’ के तहत जन औषधि स्टोर से सस्ते दरों पर दवाइयां मिल रही हैं। बाजार में मिलने वाली दवाइयों की तुलना में यहां पर दवाइयों के दाम लगभग 90 प्रतिशत कम हैं।

भीमेश ने बताया कि वह जन औषधि केंद्र से शुगर की दवा खरीदते हैं। बाजार में 235 रुपये की दवा यहां पर महज 35 रुपये में मिल जाती है। सीधे तौर पर एक दवा के पत्ते पर 200 रुपये की बचत हो जाती है।

उन्होंने कहा, “इस योजना से मुझे जो बचत हुई है, उससे मेरा वित्तीय बोझ सचमुच हल्का हो गया है।”

भव्याश्री ने पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम जन औषधि योजना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सचमुच गरीब परिवारों के लिए एक अच्छी पहल है। जहां लोग सस्ते दरों पर दवाइयां लेते हैं।

उन्होंने कहा, “गरीबों के लिए यह योजना एक वरदान है। जन औषधि के स्टोर से लोग उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां खरीद रहे हैं और एक भरोसा भी लोगों का जनेरिक दवाइयों के प्रति हुआ है।”

‘प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां मिल सकें। गरीब वर्ग के लोगों के लिए पूरे भारत में ये जन औषधि केंद्र एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली बन गई है। खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से महंगी दवाइयां खरीदने में सक्षम नहीं हैं।

‘प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना’ केंद्र सरकार का एक अभियान और जन कल्याणकारी योजना है। जिसे रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा 2008 में जन औषधि योजना के रूप में शुरू किया गया था। इस पहल को 2016 में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के रूप में पुनः आगे बढ़ाया। इसका दायरा बढ़ाया गया, जिससे जनता को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकें।

–आईएएनएस

डीकेएम/सीबीटी

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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