श्री शिव महापुराण की कथा का तृतीय दिवस।

विनय मिश्र, जिला संवाददाता।
जिरासो भागलपुर देवरिया में जिरासो में चल रहे श्री शिव पुराण की कथा के अंतर्गत कथा व्यास परम पूज्य श्री ब्रजेश मणि त्रिपाठी जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन प्राप्त होने के बाद संसार में साधक को साध्य के लिए साधना की आवश्यकता है, इस संसार में सब कुछ हमें प्राप्त हो सकता है लेकिन तीन चीज़ें दुर्लभ है जो भगवान शिव की कृपा से ही प्राप्त हो सकते हैं आदि शंकराचार्य ने बड़ा सुंदर सूत्र दिया है —
*दुर्लभं त्रयं च एतद् देवानुग्रहहेतुकम्।*
*मनुष्यत्वं मुमुक्षत्वं महापुरुषसंश्रयः।।*
संसार में ये तीन अत्यन्त दुर्लभ हैं, जो मात्र ईश्वर की कृपा से ही प्राप्त होते हैं—
१. मनुष्यत्व :- चौरासी लाख योनियों में विचरने के बाद दुर्लभ मनुष्य योनि में जन्म लेना,
२. मुमुक्षुत्व :- इसी जन्म में ईश्वर प्राप्ति के लिए तीव्र उत्कंठा होना,
३. महापुरुष की सन्निधि:- किसी जीवन्मुक्त महापुरुष का सानिध्य,संग प्राप्त होना।


