सहायक उपकरणों से सुगम होगा दिव्यंगजनों का जीवन:डीएम।

विनय मिश्र, जिला संवाददाता।
देवरिया ।
जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने मंगलवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), देवरिया का दौरा कर एडिप योजना के तहत आयोजित होने वाले दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर की तैयारियों का निरीक्षण किया। यह शिविर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 22 व 23 मार्च को प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक चलने वाले इस शिविर में दिव्यांगजन मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, स्मार्ट छड़ी, श्रवण यंत्र आदि सहायक उपकरणों के लिए लाभार्थी चिह्नित किए जाएंगे। चिन्हित लाभार्थियों की उपकरणवार सूची एलिम्को कानपुर भेजी जाएगी, जिसके आधार पर बाद में जनपद में उपकरण आएंगे जिसका ब्लॉक स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वितरण कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है। इससे उनका जीवन सुगम होगा। उन्होंने दिव्यांगजनों से 22-23 मार्च को शिविर में आने और योजना का लाभ उठाने की अपील की। इस दो दिवसीय शिविर में चिन्हित लाभार्थियों की सूची एलिम्को कानपुर भेजी जाएगी, जिसके आधार पर बाद में उपकरण प्राप्त होंगे, जिसका वितरण ब्लॉकवार किया जाएगा। डीएम ने ग्राम प्रधानों से विशेष अनुरोध किया कि वे गांव के दिव्यांगजनों को शिविर तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि वे उपकरण प्राप्त कर सकें।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जिन दिव्यांगजनों के पास दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं है, उनके लिए शिविर स्थल पर ही प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, पेंशन संबंधी कार्यों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। दिव्यांगजन नई पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे, और जिनकी पेंशन रुकी हुई है, उनके समाधान के लिए बैंक एवं पोस्ट ऑफिस काउंटर लगाए जाएंगे।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में हेल्प डेस्क, पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिव्यांगजनों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, एआरटीओ आशुतोष चतुर्वेदी, डीएसओ संजय पांडेय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज
शिविर में पंजीकरण के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य होगा। आवेदक की सभी स्रोतों से मासिक आय ₹22,500 से कम होनी चाहिए, जिसका प्रमाण पत्र सांसद, विधायक या ग्राम प्रधान द्वारा जारी किया जा सकता है। इसके अलावा, फोटोयुक्त पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, बैंक पासबुक या पैन कार्ड की छाया प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
इस शिविर में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र (कान की मशीन) सहित अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों का चिह्नांकन और पंजीकरण किया जाएगा। शिविर का लाभ लेने के लिए पात्रता की शर्तों में यह शामिल है कि आवेदक ने पिछले तीन वर्षों में किसी शासकीय योजना के तहत कोई उपकरण प्राप्त न किया हो, जबकि मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए यह अवधि पांच वर्ष होगी।
शिविर स्थल पर आधार प्रमाणीकरण और एनपीसीआई पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे पात्र दिव्यांगजन आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सकें। साथ ही, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से बैंक खाता खोलने की सुविधा दी जाएगी। मेडिकल टीम द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं है, वे मौके पर ही इसे प्राप्त कर सकें।



