2016 से लटका आजमगढ़ का हाजीपुर-गोला पुल: DM ने खुद खुरचकर परखी गुणवत्ता, 2026 तक पूरा होने का नया वादा

Azamgarh's Hajipur-Gola bridge suspended since 2016: DM to personally test quality, new debate to complete by 2026

रिपोर्ट – जितेंद्र यादव
आजमगढ़, उत्तर प्रदेश: आजमगढ़ और गोरखपुर के बीच की दूरी कम करने वाला महत्वाकांक्षी हाजीपुर-गोला पुल, जिसका निर्माण कार्य 2016 में प्रारंभ हुआ था, आज आठ साल बाद भी अधूरा पड़ा है। अपनी मूल समय-सीमा से कहीं अधिक विलंब और दोबारा रिव्यू बजट की स्वीकृति के बाद, अब अधिकारियों द्वारा इसे 2026 तक पूरा करने का आश्वासन मिल रहा है। इस लंबी लेटलतीफी और लगातार बढ़ती लागत के बीच, आज नोडल अधिकारी ने अचानक निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण किया, जिसके तुरंत बाद जिलाधिकारी (DM) आजमगढ़ और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौके पर पहुँच गए।
निरीक्षण के दौरान, नोडल अधिकारी ने सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और कार्य की गुणवत्ता तथा पूरा होने की समय-सीमा पर कड़े सवाल किए। अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए, जिलाधिकारी ने स्वयं एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने अपने हाथों से खुरचकर पुल की ढलाई और उसमें लगी सरिया की गुणवत्ता का परीक्षण किया। यह न केवल उनकी गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि प्रशासन अब किसी भी कीमत पर पिछली लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।घाघरा नदी पर बन रहा यह 1273 मीटर लंबा पुल, जो आजमगढ़ और गोरखपुर के बीच की दूरी को लगभग 30 किलोमीटर कम करेगा, क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होना था। देवारा क्षेत्र के लिए तो यह पुल जीवनरेखा है, क्योंकि अब तक यहाँ के बच्चों को पढ़ाई के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था।यह परियोजना 2016 में प्रारंभ हुई थी और इसे मार्च 2019 तक पूरा होना था, लेकिन बजट की कमी, प्रशासनिक अड़चनों, विभागीय विवादों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण इसमें लगातार देरी होती रही। प्रारंभिक  बजट अब बढ़कर दोगुना से भी अधिक हो गया है।देरी और बढ़ी लागत के बावजूद, अब निर्माण कार्य में गति आई है। पुनरीक्षित बजट स्वीकृत होने के बाद, हाजीपुर की ओर से एप्रोच मार्ग पर मिट्टी भराई का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके अगले दो महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। पुल के लिए सभी खंभों का सीमांकन हो चुका है और उनकी ढलाई की जा रही है। आजमगढ़ के हाजीपुर की तरफ नदी में पिलर निर्माण का कार्य भी  हो गया है।प्रशासन की सक्रियता और शीर्ष अधिकारियों के लगातार निरीक्षण से अब उम्मीद जगी है कि यह महत्वपूर्ण परियोजना आखिरकार 2026 तक पूरी हो जाएगी। हालांकि, इतने सालों की देरी और कई गुना बढ़ी लागत ने इस पुल को लेकर क्षेत्र में उत्सुकता के साथ-साथ एक गहरी निराशा भी पैदा कर दी है। क्या यह नई समय-सीमा पूरी हो पाएगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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